देवभूमि में कट्टरपंथ को नहीं मिलेगा स्थान: पूर्णागिरि मेले से सीएम धामी का बड़ा संदेश
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तर भारत के प्रसिद्ध पूर्णागिरि मेला का विधिवत शुभारंभ करते हुए कहा कि देवभूमि में घृणित और कट्टरपंथी सोच को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए सरकार कठोर फैसले लेने से पीछे नहीं हटेगी।
74.54 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ₹74.54 करोड़ की लागत से नौ विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के लिए बेहतर आवागमन, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और मेले को वर्षभर संचालित करने की दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए।
कांग्रेस पर साधा निशाना
सीएम धामी ने अपने संबोधन में कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि सरकार जब भी जनहित में सख्त निर्णय लेती है तो विपक्ष की “अर्बन नक्सल टूलकिट” सक्रिय हो जाती है और विकास कार्यों को भटकाने की कोशिश की जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों के खिलाफ की गई कार्रवाई से कांग्रेस को तकलीफ हो रही है, जबकि सरकार प्रदेश हित में निर्णय ले रही है।
आईटीबीपी के हिमवीरों का बढ़ाया मनोबल
मुख्यमंत्री ने लोहाघाट स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की 36वीं वाहिनी पहुंचकर जवानों को होली की शुभकामनाएं दीं और उनका उत्साहवर्धन किया।
उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में तैनात हिमवीरों का त्याग और बलिदान पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है और वे राष्ट्र की सुरक्षा का मजबूत कवच हैं।
-
पूर्णागिरि मेले का विधिवत शुभारंभ
-
देवभूमि में कट्टरपंथ के खिलाफ सख्त रुख
-
₹74.54 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात
-
श्रद्धालुओं की सुविधाओं को मजबूत करने के निर्देश
-
आईटीबीपी जवानों से मुलाकात कर बढ़ाया मनोबल