पिथौरागढ़: देश की रक्षा करते हुए एक और जवान ने सर्वोच्च बलिदान दे दिया। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के अस्कोट क्षेत्र के ओझा मल्ला गांव निवासी जवान दीपक कुमार जेठी का सियाचिन ग्लेशियर में तैनाती के दौरान निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
बताया जा रहा है कि दीपक कुमार जेठी भारतीय सेना की 7 कुमाऊं रेजीमेंट में तैनात थे और करीब सात महीने पहले ही उनकी पोस्टिंग सियाचिन जैसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में हुई थी। ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथियों ने तुरंत उन्हें सेना के अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें आर्मी रिसर्च एंड रेफरल हॉस्पिटल, दिल्ली रेफर किया गया।
डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और रविवार देर शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। सेना के अधिकारियों ने उनके परिजनों को इस दुखद घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।
दीपक कुमार जेठी अपने पीछे पत्नी रीना जेठी, पांच वर्षीय पुत्र काव्यांश, वृद्ध माता और दो बड़े भाइयों को छोड़ गए हैं। उनके पिता भवान सिंह का पहले ही निधन हो चुका है। उनका परिवार वर्तमान में लखनऊ में निवास करता है।
जवान का पार्थिव शरीर सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव लाया जा रहा है, जहां अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद हंसेश्वर घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
दीपक कुमार जेठी के निधन से न सिर्फ उनका परिवार बल्कि पूरा क्षेत्र गहरे शोक में डूबा हुआ है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।