गैरसैंण बजट सत्र पर सियासत तेज: औपचारिकता बनाने की तैयारी में सरकार – यशपाल आर्य
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के प्रस्तावित बजट सत्र को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सरकार गैरसैंण में होने वाले बजट सत्र को केवल औपचारिकता बनाकर लोकतांत्रिक जवाबदेही से बचना चाहती है।
राज्यपाल के अभिभाषण वाले दिन ही विनियोग विधेयक पेश करने पर आपत्ति
आर्य ने विधानसभा सत्र के लिए जारी अनंतिम कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पहली बार है जब सरकार विधायी परंपराओं को दरकिनार करते हुए राज्यपाल के अभिभाषण वाले दिन ही विनियोग विधेयक पेश करने जा रही है।
उन्होंने कहा कि परंपरा के अनुसार वर्ष का पहला सत्र राज्यपाल के अभिभाषण से शुरू होता है और उस पर कम से कम चार दिन चर्चा होती है, उसके बाद ही विनियोग विधेयक लाया जाता है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में नहीं रही ऐसी मिसाल
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य भी रह चुके हैं और उनकी जानकारी में उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड विधानसभा—दोनों में ही राज्यपाल के अभिभाषण के दिन बजट पेश करने की कोई परंपरा नहीं रही है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा कार्यक्रम सरकार की लोकतांत्रिक जवाबदेही से बचने की प्रवृत्ति को दर्शाता है।
“दशकों पुरानी परंपरा क्यों तोड़ी जा रही?”
आर्य ने सवाल उठाया कि सदन के संचालन में नियमों के साथ परंपराओं का भी समान महत्व होता है और इन्हें केवल असाधारण परिस्थितियों में ही बदला जाता है।
उन्होंने पूछा कि ऐसा कौन सा संकट आ गया है, जिसकी वजह से दशकों से चली आ रही परंपरा को बदला जा रहा है।
जल्दबाजी में बजट पास कराने की आशंका
नेता प्रतिपक्ष ने आशंका जताई कि सरकार पहले ही दिन बजट पेश कर बहुमत के बल पर उसे जल्दबाजी में पारित कराकर सत्र को समय से पहले समाप्त कर सकती है।
उन्होंने कहा कि इससे विधायकों को विभागीय कामकाज पर चर्चा और सवाल पूछने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलेगा।
तीन सप्ताह का सत्र चलाने की मांग
आर्य ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सत्र कम से कम तीन सप्ताह चलाने की मांग की है, ताकि इसमें कम से कम तीन सोमवार आएं और विधायक मुख्यमंत्री के अधीन लगभग 40 विभागों के कामकाज पर प्रश्न पूछ सकें।
मुख्य बिंदु
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बजट सत्र की अवधि और प्रक्रिया पर विपक्ष की आपत्ति
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राज्यपाल के अभिभाषण वाले दिन विनियोग विधेयक लाने का विरोध
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परंपराओं को तोड़ने पर सरकार से जवाब मांगा
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तीन सप्ताह का सत्र चलाने की मांग