मेडिकल कॉलेज के प्रस्तावित स्थल को लेकर बढ़ा विवाद, कांग्रेस बोली—’डबल इंजन सरकार के दो पुर्जे आपस में भिड़े’
देहरादून। टिहरी जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर भाजपा के भीतर सियासी घमासान तेज हो गया है। टिहरी से भाजपा विधायक किशोर उपाध्याय ने अपनी ही सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल पर मेडिकल कॉलेज को प्रस्तावित स्थान से दूसरी जगह स्थानांतरित करने की कोशिश का आरोप लगाते हुए कड़ी चेतावनी दी है। इस विवाद ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है और कांग्रेस ने भी भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।
विधायक किशोर उपाध्याय ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि टिहरी मेडिकल कॉलेज की डीपीआर तैयार हो चुकी है, भूमि का चयन हो चुका है और कार्यदायी संस्था भी तय की जा चुकी है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज को प्रस्तावित स्थल से दूसरी जगह स्थानांतरित करना किसी भी स्थिति में न्यायसंगत नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल इस परियोजना को दूसरी जगह ले जाने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में अनावश्यक भ्रम और अफरा-तफरी का माहौल बन रहा है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि मेडिकल कॉलेज को स्थानांतरित करने का प्रयास किया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। उनका कहना था कि टिहरी की जनता लंबे समय से मेडिकल कॉलेज की मांग कर रही है और सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
पुरानी राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता फिर आई सामने
राजनीतिक गलियारों में इस विवाद को दोनों नेताओं की पुरानी प्रतिद्वंद्विता से भी जोड़कर देखा जा रहा है। किशोर उपाध्याय और सुबोध उनियाल दोनों कभी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाते थे। सुबोध उनियाल वर्ष 2016 में भाजपा में शामिल हुए थे, जबकि किशोर उपाध्याय 2022 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का दामन थाम चुके थे।
दोनों नेता टिहरी जिले की अलग-अलग विधानसभा सीटों—टिहरी और नरेंद्रनगर—का प्रतिनिधित्व करते हैं और कांग्रेस के दौर से ही दोनों के बीच राजनीतिक मतभेद चर्चा का विषय रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी वर्ष में यह टकराव भाजपा के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है।
कांग्रेस ने भाजपा पर बोला हमला
विवाद के बीच कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे सत्ता पक्ष की अंदरूनी कलह का परिणाम बताया है। कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि विज्ञापनों में नंबर वन होने का दावा करने वाली “डबल इंजन सरकार” के दोनों प्रमुख नेता आपस में ही भिड़े हुए हैं, जबकि टिहरी की जनता वर्षों से मेडिकल कॉलेज का इंतजार कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के दोनों नेताओं के बीच वर्चस्व की लड़ाई के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उनके अनुसार मेडिकल कॉलेज के स्थान को लेकर चल रहा विवाद जनहित का नहीं, बल्कि राजनीतिक वर्चस्व और श्रेय लेने की होड़ का परिणाम है।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार ने वर्षों पहले मेडिकल कॉलेज की घोषणा तो कर दी, लेकिन आज तक धरातल पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। अब चुनाव नजदीक आते ही दोनों नेता इसका श्रेय लेने के लिए आमने-सामने आ गए हैं।
जनहित में जल्द निर्णय की मांग
कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार मेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर जल्द स्पष्ट निर्णय ले और परियोजना पर कार्य शुरू करे। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जनहित में शीघ्र कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस इस मुद्दे पर आंदोलन करेगी और भाजपा नेताओं का घेराव करेगी।
अब सबकी नजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पर टिकी है कि वह भाजपा के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच बढ़ते इस विवाद को किस तरह सुलझाते हैं और टिहरी मेडिकल कॉलेज परियोजना को लेकर सरकार क्या अंतिम फैसला लेती है।