देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बीच एक बड़ा राजनीतिक बयान सुर्खियों में आ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नए प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में ऐसा टिप्पणी कर दी, जिसने पूरे राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। रावत ने अपने संबोधन में पार्टी के अंदर मौजूद कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाने पर लेते हुए “विष पुरुष” शब्द का प्रयोग किया। इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर हलचल मच गई, वहीं बीजेपी को भी कांग्रेस पर हमला बोलने का मौका मिल गया।
रावत बोले—कांग्रेस को ‘विष पुरुषों’ से बचाना जरूरी
देहरादून स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में रावत ने कहा कि समाज में कई “विष पुरुष” होते हैं और ऐसे लोग कांग्रेस को हमेशा नुकसान पहुंचाते रहे हैं। उन्होंने कहा, “जिनके मन में थोड़ा-थोड़ा विष है, उसे मेरी जेब में डाल दो। मैं उसे अपने गले में धारण कर लूंगा। लेकिन कांग्रेस को उस विष से दूर रखना होगा। ऐसे विष पुरुषों से पार्टी का कल्याण नहीं हो सकता। पार्टी को इनसे बहुत नुकसान हुआ है और आगे भी नुकसान होगा, अगर इन्हें दूर नहीं किया गया।”
रावत ने यह भी कहा कि कांग्रेस के सामने बिहार चुनावों के परिणाम के बाद बड़ी जिम्मेदारी है और ऐसे में संगठन को अंदरूनी कलह से मुक्त करना जरूरी है।
बीजेपी ने किया पलटवार, कहा—रावत का गुस्सा बता रहा कांग्रेस की हालत
रावत के इस बयान पर बीजेपी ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। देहरादून के विधायक विनोद चमोली ने कहा कि हरीश रावत का भाषण साफ दर्शाता है कि वह पार्टी की अंदरूनी राजनीति और अपने दबे मन के कारण आक्रोश में हैं। चमोली ने कहा, “एक वरिष्ठ नेता होकर उन्होंने अपने ही कार्यकर्ताओं को ‘विष पुरुष’ कहा। यह बेहद आपत्तिजनक भाषा है। यदि कांग्रेस में नेताओं को ही अपने कार्यकर्ता ‘विष पुरुष’ दिखाई देने लगे हैं, तो समझा जा सकता है कि कांग्रेस किस स्थिति में है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रावत खुद मान चुके हैं कि कांग्रेस के अंदर कुछ कार्यकर्ता अपने ही उम्मीदवारों को हराने की साजिश करते हैं। इससे कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी उजागर होती है।
ज्योति प्रसाद गैरोला ने भी कसा तंज—कांग्रेस अब ‘जहर’ का पर्याय
बीजेपी नेता ज्योति प्रसाद गैरोला ने भी रावत के बयान को कांग्रेस की विफलता से जोड़ते हुए कहा कि कांग्रेस में आजकल जहर और नफरत जैसा माहौल बन गया है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस इतनी ज्यादा आंतरिक कलह और कटुता की शिकार हो चुकी है कि एक दिन यह माहौल उसकी समाप्ति का कारण बन जाएगा।”
राजनीतिक माहौल में नई गर्मी
रावत के इस बयान ने उत्तराखंड की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि कांग्रेस इस विवाद पर अपना आधिकारिक रुख क्या रखती है और क्या रावत के ‘विष पुरुष’ वाले बयान को लेकर पार्टी के भीतर कोई नई बहस खड़ी होती है।