उत्तराखंड के चंपावत में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। इस मामले को लेकर कांग्रेस लगातार पुष्कर सिंह धामी सरकार को घेर रही है।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “देवभूमि” में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में “रक्षक ही भक्षक” बनते नजर आ रहे हैं और सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है।
यशपाल आर्य के अनुसार, चंपावत की शांत वादियों में घटी यह घटना बेहद भयावह है, जिसने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया है। उन्होंने बताया कि पीड़िता एक मेहंदी कार्यक्रम में गई थी, जहां तीन युवकों ने कथित रूप से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोप है कि जब पीड़िता ने घर फोन करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और हाथ-पैर बांध दिए।
इस मामले में पीड़िता के पिता ने भाजपा से जुड़े एक पदाधिकारी, एक पूर्व प्रधान और एक छात्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अपराधियों को किसी भी तरह का राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए और तुरंत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें:
सभी आरोपियों पर कठोर धाराओं में मुकदमा
फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई
दोषियों को जल्द सजा
राजनीतिक संरक्षण देने वालों की निष्पक्ष जांच
यशपाल आर्य ने चेतावनी दी कि यदि मामले में न्याय नहीं मिला, तो जनता चुप नहीं बैठेगी और आंदोलन तेज होगा। उन्होंने कहा कि राज्य की हर बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की पहली जिम्मेदारी है।