रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन उत्तराखंड पहुंचे विशेष विमान से, सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
देहरादून/चमोली, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के चेयरमैन और देश के शीर्ष उद्योगपति मुकेश अंबानी आज उत्तराखंड के दो धाम — बदरीनाथ और केदारनाथ — के दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने दोनों तीर्थस्थलों पर विशेष पूजा-अर्चना कर बाबा केदारनाथ और भगवान बदरीविशाल का आशीर्वाद लिया।
देहरादून पहुंचे विशेष विमान से
जानकारी के अनुसार, मुकेश अंबानी आज सुबह करीब 8 बजे देहरादून के जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। यहां से वे अपने साथ आए प्रतिनिधिमंडल के साथ दो अलग-अलग हेलिकॉप्टरों के माध्यम से बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुए।
अंबानी के साथ रिलायंस समूह के कुछ वरिष्ठ अधिकारी और उनके पारिवारिक सहयोगी भी मौजूद थे। इस दौरान एयरपोर्ट से लेकर दोनों धामों तक सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा गया था।
बाबा केदार और भगवान बदरीविशाल के किए दर्शन
पहले मुकेश अंबानी ने केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने रुद्राभिषेक कर परिवार और देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद वे बदरीनाथ धाम पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान विष्णु के चरणों में विधिवत पूजा कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने अंबानी का स्वागत किया और उन्हें धामों की परंपरागत रीतियों के अनुसार पूजन सामग्री भेंट की।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
मुकेश अंबानी की यात्रा को देखते हुए उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए थे। देहरादून से लेकर बदरीनाथ और केदारनाथ तक पुलिस बल और एसपीजी कमांडो तैनात रहे। धामों में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की गई ताकि पूजा-अर्चना के दौरान कोई व्यवधान न हो।
शाम तक देहरादून लौटे
सूत्रों के मुताबिक, मुकेश अंबानी दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना के बाद दोपहर में वापस देहरादून लौट आए। यहां से वे अपने विशेष विमान से मुंबई के लिए रवाना हो गए।
रिलायंस समूह का उत्तराखंड से जुड़ाव
गौरतलब है कि मुकेश अंबानी का परिवार धार्मिक आस्था से जुड़ा रहा है। वे समय-समय पर देश के प्रमुख तीर्थस्थलों — विशेषकर बदरीनाथ और केदारनाथ धाम — के दर्शन के लिए आते रहे हैं। रिलायंस समूह ने भी उत्तराखंड में कई सामाजिक और विकासात्मक परियोजनाओं में सहयोग दिया है, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पहलें शामिल हैं।