देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिला प्रशासन ने चंद्रभागा नदी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने गंगा तटीय क्षेत्र में अतिक्रमण कर बनाई गई 20 से अधिक अवैध झोपड़ियों (अध्यासन) को ध्वस्त करते हुए सख्त संदेश दिया है कि गंगा किनारे किसी भी प्रकार का अनधिकृत निर्माण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अभियान का नेतृत्व एसडीएम ऋषिकेश योगेश कुमार और नगर आयुक्त गोपालराम बिनवाल ने किया। राजस्व विभाग, नगर निगम ऋषिकेश और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम सुबह से ही मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। कार्रवाई के दौरान यह भी सामने आया कि इन अवैध झोपड़ियों से निकलने वाला सीवर सीधे गंगा नदी में छोड़ा जा रहा था, जो पर्यावरण और जन-स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा था।
गंगा की स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि “गंगा नदी की स्वच्छता और जल संरक्षण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, अवैध निर्माण या सीवर/कचरे का अवैध निस्तारण किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों की निरंतर निगरानी रखी जाए और भविष्य में किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा सख्ती से रोका जाए।
शांतिपूर्ण कार्रवाई के लिए भारी पुलिस बल तैनात
अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई थी। टीम ने कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए पूरी कार्रवाई को शांतिपूर्वक संपन्न कराया। स्थानीय प्रशासन के अनुसार अभियान के दौरान किसी भी तरह की प्रतिरोध की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।
सफाई और निगरानी होगी नियमित
नगर निगम और राजस्व विभाग ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में अब नियमित सफाई कराई जा रही है। इसके साथ ही भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए क्षेत्र का चिन्हांकन कर निगरानी बढ़ा दी गई है।
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि गंगा तट क्षेत्रों में अवैध कब्जों के खिलाफ ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे, ताकि नदी की स्वच्छता, प्रवाह और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखा जा सके।