नई दिल्ली, उत्तराखण्ड की पारंपरिक संस्कृति, जैविक उत्पादों और ग्रामीण शिल्प को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास परिसर में ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ आउटलेट का उद्घाटन किया। यह आउटलेट राज्य के पारंपरिक, प्राकृतिक और हस्तनिर्मित उत्पादों को संगठित रूप में राजधानी दिल्ली के उपभोक्ताओं के समक्ष प्रस्तुत करने वाला एक प्रमुख केंद्र होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य न केवल उत्तराखण्ड की समृद्ध लोकसंस्कृति और जैव विविधता को व्यापक पहचान दिलाना है, बल्कि राज्य के पर्वतीय अंचलों में उत्पादित वस्तुओं को आर्थिक रूप से लाभकारी बाजार उपलब्ध कराना भी है। उन्होंने इसे स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और किसानों के लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त अवसर बताया।
स्थानीय उत्पादों को मिल रही राष्ट्रीय पहुंच
राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा और प्रमुख पर्यटक स्थलों को ध्यान में रखते हुए 13 से अधिक स्थानों—जैसे नैनी सैनी एयरपोर्ट, पंतनगर एयरपोर्ट, देहरादून हेलीपैड, केदारनाथ-बद्रीनाथ मार्ग, हर्षिल, मसूरी और ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन—पर आकर्षक फ्लोर स्टैंडिंग यूनिट्स और रिटेल कार्ट्स स्थापित किए हैं। ये कार्ट्स श्रद्धालुओं और पर्यटकों में अत्यंत लोकप्रिय हो रहे हैं।
इसके अतिरिक्त, प्रतिष्ठित होटल श्रृंखलाओं जैसे मैरियट मसूरी, ताज देहरादून, एफआरआई, एलबीएसएनएए और दिल्ली हाट में भी ब्रांड की उपस्थिति दर्ज कराई जा रही है। यह पहल न केवल उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त कर रही है, बल्कि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच प्रदान कर रही है।
ब्रांड की बढ़ती पहचान और डिजिटल उपलब्धता
सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती राधिका झा ने बताया कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड ने कम समय में गुणवत्ता और प्रामाणिकता के बल पर एक विशेष पहचान बनाई है। इसके उत्पाद अब houseofhimalayas.com के साथ-साथ प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स जैसे Amazon और Blinkit पर भी उपलब्ध हैं।
ब्रांड को पर्यटन के साथ जोड़ते हुए राज्य सरकार ने देश के प्रतिष्ठित होटलों जैसे ताज (ऋषिकेश, रामनगर), हयात सेंट्रिक, हयात रीजेंसी (देहरादून), मैरियट (रामनगर), वेस्टिन (नरेन्द्रनगर) और जेपी ग्रुप (मसूरी) के साथ रणनीतिक साझेदारी की है। इन होटलों में ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ रिटेल कार्ट्स के माध्यम से पर्यटकों को सीधे उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री की सोच से मिली प्रेरणा
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि इस ब्रांड की मूल अवधारणा को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 के दौरान प्रस्तुत किया था। तब से लेकर अब तक यह पहल ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और राज्य की आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बन चुकी है।
ब्रांड के अंतर्गत उत्तराखण्ड के विशिष्ट उत्पाद—जैसे बुरांश का शरबत, जंगली शहद, पहाड़ी दालें, पारंपरिक मसाले, हस्तनिर्मित वस्त्र और जैविक खाद्य सामग्री—अब देश के प्रमुख शहरों तक आसानी से पहुंच पा रहे हैं।
इस अवसर पर सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती राधिका झा, उत्तराखण्ड के स्थानिक आयुक्त श्री अजय मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। यह पहल उत्तराखण्ड के ग्रामीण उत्पादकों को नया बाज़ार, पर्यटकों को विशिष्ट अनुभव और राज्य को नई आर्थिक ऊर्जा प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है