चमोली टनल हादसे में टिहरी के प्रदीप पंवार की मौत, पांच महीने पहले ही हुई थी शादी; परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

टिहरी: चमोली जिले के पीपलकोटी में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए दर्दनाक हादसे ने टिहरी के एक परिवार की खुशियां छीन लीं। हादसे में जान गंवाने वालों में टिहरी जिले के थौलधार ब्लॉक के गंवाल गांव निवासी 31 वर्षीय प्रदीप पंवार भी शामिल हैं। प्रदीप की शादी इसी साल अप्रैल 2026 में हुई थी। शादी के महज पांच महीने बाद ही उनकी मौत की खबर ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।

जिस घर में कुछ महीने पहले ही शादी की खुशियां गूंजी थीं और नई जिंदगी की शुरुआत को लेकर परिवार ने कई सपने संजोए थे, उसी घर में अब मातम पसरा हुआ है। प्रदीप की मौत की खबर जैसे ही गंवाल गांव पहुंची, परिवार और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई।

शादी के पांच महीने बाद ही उजड़ गया परिवार

प्रदीप पंवार की उम्र महज 31 वर्ष थी। इसी साल अप्रैल में उनकी शादी हुई थी। शादी के बाद परिवार आने वाले दिनों को लेकर कई उम्मीदें लगाए बैठा था। परिवार के लोग भविष्य के सुनहरे सपने देख रहे थे, लेकिन चमोली के पीपलकोटी में हुए टनल हादसे ने इन सपनों को हमेशा के लिए तोड़ दिया।

प्रदीप के परिवार में उनके पिता, बड़ा भाई, भाभी, पत्नी और छोटा भाई हैं। परिवार पहले ही एक बड़े दुख से गुजर चुका था। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले ही प्रदीप की माता का निधन हुआ था। ऐसे में मां की मौत के दुख से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि अब जवान बेटे की मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है।

गंवाल गांव में पसरा मातम

प्रदीप की मौत की खबर सामने आने के बाद गंवाल गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीण परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। जिस परिवार में कुछ समय पहले विवाह समारोह के दौरान खुशियों का माहौल था, वहां अब हर आंख नम है।

परिवार के लिए सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि शादी के कुछ ही महीनों बाद प्रदीप की जिंदगी हादसे में खत्म हो गई। उनकी पत्नी और परिजनों के सामने अब भविष्य की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

विधायक ने जताया दुख, हरसंभव मदद का भरोसा

प्रदीप पंवार की मौत पर प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी ने भी गहरा दुख जताया है। उन्होंने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए प्रदीप के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

विधायक ने कहा कि इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा रहना जरूरी है और परिवार की हरसंभव सहायता की जाएगी।

हादसे के वक्त टनल में फंसे थे 22 लोग

चमोली जिले के पीपलकोटी में 13 अगस्त की शाम टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हादसा हुआ था। जानकारी के अनुसार, ब्लास्ट के बाद टनल में पानी और मलबा भर गया, जिसके कारण वहां काम कर रहे श्रमिक फंस गए।

हादसे के समय टनल में कुल 22 लोग मौजूद बताए गए थे। हादसे के बाद बड़े स्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। रेस्क्यू के दौरान 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और तीन लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं।

रेस्क्यू किए गए श्रमिकों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। प्रशासन और बचाव दल लापता श्रमिकों की तलाश में जुटे हुए हैं।

परिवार के लिए कभी न भरने वाला जख्म

प्रदीप पंवार की मौत ने उनके परिवार को गहरा सदमा दिया है। एक तरफ कुछ महीने पहले ही शादी की खुशियां थीं, वहीं अब परिवार को जवान बेटे और पत्नी को पति के रूप में खोने का दुख झेलना पड़ रहा है।

प्रदीप की मौत केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे गंवाल गांव के लिए बड़ी क्षति है। ग्रामीणों के बीच भी हादसे को लेकर गहरा दुख और चिंता है।

चमोली टनल हादसे ने एक बार फिर निर्माण कार्यों में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान टनल में फंसे और लापता श्रमिकों को सुरक्षित निकालने तथा हादसे में प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने पर है।

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