जंगलों के रखवालों को मिलेगा सम्मान, उत्तराखंड में वन संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 47 लोग होंगे सम्मानित

उत्तराखंड में वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा में अहम योगदान देने वाले कर्मी होंगे सम्मानित, 47 नाम चिन्हित

देहरादून: उत्तराखंड की वन संपदा, जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा में सराहनीय योगदान देने वाले वन विभाग के कर्मियों, वन पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। वन विभाग ने ऐसे लोगों को चिन्हित किया है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर तरीके से निर्वहन करते हुए वन संरक्षण और वन्यजीव सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है।

वन विभाग के अनुसार इस बार 47 कर्मियों और अन्य लोगों को सम्मानित करने के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें फील्ड में मुश्किल परिस्थितियों के बीच जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा करने वाले कर्मचारियों से लेकर कार्यालयों में सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हैं। इसके साथ ही वन पंचायतों के सरपंच और सदस्य, पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा अन्य लोगों को भी उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।

वन संपदा की सुरक्षा के लिए वन विभाग के सैकड़ों कर्मचारी विषम भौगोलिक परिस्थितियों में काम करते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों के दुर्गम जंगलों से लेकर मैदानी इलाकों तक वनकर्मियों को वनाग्नि, अवैध कटान, वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगलों की निगरानी जैसी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। ऐसे में बेहतर कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग की ओर से सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है।

226 नामांकन प्रस्ताव मुख्यालय पहुंचे

सम्मान के लिए वन विभाग ने बाकायदा एक कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी में वन मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया। प्रदेशभर से विभिन्न वन प्रभागों और अधिकारियों ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों के नाम मुख्यालय को भेजे।

वन मुख्यालय को सराहनीय कार्य करने वाले कुल 226 अधिकारियों और कर्मचारियों के नामांकन प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इन सभी नामों पर कमेटी ने उनके कार्यों और योगदान के आधार पर विचार किया। इसके बाद कुल 55 वनकर्मियों और अन्य लोगों का चयन किया गया।

इन चयनित लोगों में एक 9 सदस्यीय टीम भी शामिल है, जिसे संयुक्त रूप से किए गए उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया जाना है। विभाग की ओर से वन संरक्षण के साथ-साथ वन पंचायतों और सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को भी सम्मान देने का निर्णय लिया गया है।

वन विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम शामिल

स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किए जाने वालों की सूची में विभिन्न वन प्रभागों के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।

नैनीताल वन प्रभाग से वन क्षेत्राधिकारी ललित मोहन कार्की, तराई केंद्रीय वन प्रभाग से वन क्षेत्राधिकारी पूरन चंद्र जोशी, घनानंद चनियाल और नवल किशोर कपिल का नाम शामिल है।

इसी तरह नैनीताल वन प्रभाग से प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी आनंद लाल और कार्य योजना टिहरी वन प्रभाग से वीरेंद्र दत्त बडोला को भी सम्मानित किया जाएगा।

नरेंद्रनगर वन प्रभाग से संजय सिंह बेलवाल तथा बदरीनाथ वन प्रभाग से वन क्षेत्राधिकारी मनोज प्रसाद देवराड़ी का नाम भी सम्मान सूची में शामिल है।

रामनगर वन प्रभाग से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी कमल शर्मा और कार्यालय मुख्य वन संरक्षक कार्य योजना से अपर सांख्यिकीय अधिकारी शैलेश कुमार भट्ट को भी सम्मानित किया जाएगा।

वन पंचायतों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोग भी होंगे सम्मानित

वन संरक्षण में स्थानीय समुदाय की भूमिका को देखते हुए वन पंचायतों के प्रतिनिधियों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों को भी सम्मान सूची में जगह दी गई है।

पिथौरागढ़ वन प्रभाग से मसौली वन पंचायत के सरपंच प्रकाश चंद्र भट्ट, पर्यावरण प्रेमी चंदन नयाल, वन पंचायत सरपंच गोपाल बिष्ट, पर्यावरण प्रेमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता जितेंद्र कुमार को सम्मानित किया जाएगा।

इसके अलावा वन पंचायत सरपंच बगोड़ी मानसिंह बिष्ट, सामाजिक कार्यकर्ता संतोषी कुंवर, स्वयं सहायता समूह की जयेंद्री देवी और महिला मंगल दल की अध्यक्ष सुमन देवी को भी उनके सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किए जाने का निर्णय लिया गया है।

वन दरोगा और कर्मचारियों को भी मिलेगा सम्मान

सम्मान सूची में वन विभाग के फील्ड कर्मचारियों के साथ कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों के नाम भी शामिल हैं।

वन दरोगा उन्नति शर्मा, शुभम कुमार, दिव्यांशी उनियाल, अभिषेक नेगी, अनुज राठौर, महेश सिंह अधिकारी, रोहित चौहान, हरीश सिंह कैड़ा और कैलाश छिम्वाल को सम्मानित किया जाएगा।

वहीं कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों में वरिष्ठ सहायक तेजपाल सिंह राठौड़ और कंचन रावत, अनुसंधान सहायक ज्योति प्रकाश जोशी और तनुजा पांडे का नाम भी सम्मान सूची में शामिल है।

सोहन सिंह रावत को मरणोपरांत सम्मान

वन संरक्षण और जैव विविधता की निगरानी से जुड़े कार्यों में योगदान देने वाले कर्मियों को भी स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क, ज्योर्तिमठ के 9 वनकर्मियों को नंदा देवी बायोडायवर्सिटी मॉनिटरिंग अभियान को सफल बनाने के लिए टीम के रूप में सम्मानित किया जाएगा।

इस सूची में वन आरक्षी सोहन सिंह रावत को मरणोपरांत सम्मानित किया जाएगा। उनके योगदान को देखते हुए विभाग ने उनका नाम सम्मान के लिए चयनित किया है।

इसके अलावा वन आरक्षी राजेंद्र सिंह रावत, शिवम डंगवाल, दीपक कुमार, अजीत सिंह, निधि सिंह, पूनम पंत, अमन, हयात सिंह पांडा, पंकज सिंह पानू, सौरव बिष्ट और हरीचांद बाला का नाम भी सम्मान सूची में शामिल है।

वहीं दैनिक श्रमिक आशीष सजवाण, फायर वाचर चिंता लाल और प्रताप सिंह को भी सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया जाएगा।

स्वतंत्रता दिवस पर मिलेगा सम्मान

वन विभाग की ओर से चयनित अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। प्रमुख वन संरक्षक हॉफ की ओर से सम्मान प्रदान किया जाएगा।

वन विभाग का मानना है कि ऐसे सम्मान से जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा। साथ ही वन संरक्षण में स्थानीय समुदाय, वन पंचायतों और सामाजिक संगठनों की भूमिका को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

उत्तराखंड जैसे वन बहुल राज्य में वन संपदा और जैव विविधता का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में वन विभाग की ओर से उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों और सहयोगियों को सम्मानित करने की पहल अन्य कर्मियों को भी बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करेगी।

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