नीती घाटी में बादल फटने के बाद बिगड़े हालात, ज्योतिर्मठ-नीती-मलारी हाईवे पर टूटा संपर्क; अस्थायी सड़क बनाने की तैयारी में BRO
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले की नीती घाटी में तमक नाले में अचानक आए तेज जलप्रवाह ने भारी तबाही मचा दी। सोमवार को तमक गांव के पास तमक नाले में आए जलप्रलय की चपेट में 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित वैली ब्रिज बह गया। इस दौरान सीमा सड़क संगठन (BRO) में तैनात हवलदार पंकज के लापता होने की सूचना है। उनके साथ एक वाहन भी तेज बहाव में बह गया।
हवलदार की तलाश में मंगलवार सुबह से ही विभिन्न रेस्क्यू टीमें अभियान चला रही हैं। लगातार बदलते मौसम और नाले में जलप्रवाह की स्थिति को देखते हुए बचाव दल बेहद सतर्कता के साथ सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
वहीं, वैली ब्रिज बहने के बाद ज्योतिर्मठ-नीती-मलारी हाईवे पर आवाजाही प्रभावित हो गई है। सड़क संपर्क बहाल करने के लिए सीमा सड़क संगठन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था पर काम शुरू कर दिया गया है। बीआरओ नाले के भीतर से ही अस्थायी सड़क तैयार करने की रणनीति पर काम कर रहा है, ताकि क्षेत्र की कनेक्टिविटी जल्द बहाल की जा सके।
तीन चरणों में बढ़ा तमक नाले का जलस्तर
स्थानीय जानकारी के अनुसार, सोमवार को तमक नाले का जलस्तर अचानक बढ़ना शुरू हुआ। बताया गया कि करीब तीन बजे पहली बार नाले का जलस्तर तेजी से बढ़ा। इसके बाद लगभग साढ़े चार बजे फिर जलस्तर बढ़ा और पुल के आसपास के खेतों में पानी पहुंच गया।
हाईवे पर भी पानी आने लगा था। हालांकि इसके बाद शाम करीब पांच बजे तमक नाले में अचानक बेहद तेज जलप्रवाह आया। पानी की रफ्तार इतनी अधिक थी कि वह वैली ब्रिज को अपने साथ बहाकर ले गया।
घटना के बाद आसपास के इलाकों में भी दहशत का माहौल बन गया।
बादल फटने के बाद बढ़ा नाले का जलप्रवाह
बताया जा रहा है कि तमक नाले के ऊपरी क्षेत्र में बादल फटने के बाद अचानक जलप्रवाह बढ़ गया था। लगातार बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आए पानी के कारण नाला उफान पर आ गया।
ज्योतिर्मठ से करीब 40 किलोमीटर दूर तमक गांव के पास यह घटना हुई। क्षेत्र में सोमवार रात से भी रुक-रुककर बारिश होने की जानकारी है। ऐसे में रेस्क्यू टीमों के सामने चुनौती बनी हुई है कि नाले के आसपास लगातार बदलती परिस्थितियों के बीच लापता हवलदार की सुरक्षित तलाश कैसे पूरी की जाए।
हवलदार पंकज की तलाश में रेस्क्यू अभियान तेज
वैली ब्रिज के बहने के दौरान मौके पर मौजूद हवलदार पंकज के लापता होने की सूचना के बाद उनकी तलाश के लिए रेस्क्यू टीमें सक्रिय हैं।
बचाव दल नाले के आसपास के संभावित क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। तेज बहाव के कारण नाले का क्षेत्र बेहद संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे में सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए टीमों को आगे बढ़ना पड़ रहा है।
हवलदार के साथ एक वाहन भी पानी के तेज बहाव में बहने की जानकारी सामने आई है। रेस्क्यू टीमों की ओर से संभावित स्थानों पर तलाश की जा रही है।
हाईवे पर आवाजाही प्रभावित, अस्थायी सड़क बनाने की तैयारी
वैली ब्रिज बहने के कारण नीती घाटी के इस हिस्से में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। क्षेत्र की रणनीतिक और सीमावर्ती दृष्टि से महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी को देखते हुए बीआरओ ने इसे जल्द बहाल करने की कवायद शुरू कर दी है।
बीआरओ की योजना नाले के भीतर से ही अस्थायी सड़क तैयार करने की है। इसके जरिए वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक रास्ता तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।
हालांकि मौसम और नाले के जलप्रवाह की स्थिति इस काम में बड़ी चुनौती बनी हुई है। जलस्तर सामान्य होने और परिस्थितियां अनुकूल होने के साथ निर्माण कार्य को तेजी दी जा सकती है।
मुख्यमंत्री धामी भी लगातार ले रहे हैं स्थिति की जानकारी
तमक नाले में आपदा के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी पूरे घटनाक्रम की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने चमोली जिला प्रशासन और गढ़वाल मंडल के अधिकारियों से स्थिति की जानकारी लेते हुए राहत-बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में राशन, खाद्य सामग्री, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित न होने देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मुख्य मार्ग बंद होने की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों और अन्य माध्यमों से आवश्यक सामग्री पहुंचाने को कहा गया है।
उन्होंने अधिकारियों को ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करने और कनेक्टिविटी बहाली के लिए सभी संभावित विकल्पों पर तत्काल काम करने के निर्देश दिए हैं।
निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता
तमक नाले में अचानक बढ़े जलप्रवाह को देखते हुए निचले इलाकों में भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन को नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों पर नजर रखने और किसी भी खतरे की स्थिति में तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से भी चमोली सहित प्रदेश के संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।
मौसम बना चुनौती
नीती घाटी में लगातार बदलते मौसम ने राहत और बचाव अभियान की चुनौती बढ़ा दी है। सोमवार रात से रुक-रुककर बारिश होने की जानकारी के बीच प्रशासन और बचाव दल नाले के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक बादल फटने और तेज जलप्रवाह की घटनाओं को देखते हुए लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील स्थानों से दूर रहने की अपील की जा रही है।
फिलहाल तीन मोर्चों पर काम
तमक नाले की घटना के बाद प्रशासन और बीआरओ के सामने फिलहाल तीन बड़ी प्राथमिकताएं हैं—लापता हवलदार पंकज की तलाश, प्रभावित क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा और ज्योतिर्मठ-नीती-मलारी हाईवे की कनेक्टिविटी बहाल करना।
रेस्क्यू टीमें हवलदार की तलाश में जुटी हैं, जबकि बीआरओ अस्थायी सड़क के विकल्प पर काम कर रहा है। मुख्यमंत्री स्तर से भी घटनाक्रम की लगातार निगरानी की जा रही है।