15 अक्टूबर तक उत्तराखंड की सभी सड़कें होंगी गड्ढामुक्त, सीएम धामी ने जिलाधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

मानसून, चारधाम यात्रा और आपदा प्रबंधन की समीक्षा; डीएम को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश, 1905 हेल्पलाइन और सत्यापन अभियान में तेजी लाने को कहा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मानसून की स्थिति, आपदा प्रबंधन, चारधाम और कांवड़ यात्रा, सड़कों की स्थिति, ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम, सत्यापन अभियान सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहे और आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

बैठक में मुख्यमंत्री ने सबसे अहम निर्देश प्रदेश की सड़कों को गड्ढामुक्त करने को लेकर दिए। उन्होंने कहा कि मानसून समाप्त होने के बाद अभियान चलाकर 15 अक्टूबर तक किसी भी स्थिति में प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए।

आपदा प्रबंधन तंत्र को 24 घंटे अलर्ट रखने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून को देखते हुए सभी जिलों में आपदा प्रबंधन तंत्र पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने फोन चालू रखें और किसी भी परिस्थिति में संपर्क से बाहर न रहें।

उन्होंने कहा कि अत्यधिक बारिश, भूस्खलन, सड़क टूटने या अन्य प्राकृतिक आपदा की स्थिति में प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। सभी संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं की उपलब्धता पहले से सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन की प्राथमिकता आमजन की सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखना हो।

मानसून के बाद शुरू होगा सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान

बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़कों की खराब स्थिति को लेकर जिलाधिकारियों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान जिन स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, मार्ग टूटे हैं या सड़कें अवरुद्ध हुई हैं, उनका जिलेवार विस्तृत विवरण तैयार किया जाए।

इसके साथ ही जिन स्थानों पर ड्रेनेज सिस्टम खराब हुआ है, उनकी भी पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। मानसून समाप्त होने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों, मार्गों और ड्रेनेज व्यवस्था की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए समिति गठित कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। कार्यों की नियमित निगरानी भी जिलाधिकारी स्तर से सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि मानसून खत्म होने के बाद 15 अक्टूबर तक प्रदेश की सभी सड़कों को हर हाल में गड्ढामुक्त किया जाना चाहिए।

पांच साल पुरानी पीएमजीएसवाई सड़कों का होगा आकलन

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत उन सड़कों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं, जिन्हें बने हुए पांच वर्ष पूरे हो चुके हैं और जो वर्तमान में खराब स्थिति में हैं।

ऐसी सड़कों की स्थिति का विस्तृत आकलन कर उनके डामरीकरण और सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। आवश्यकता के अनुसार इन सड़कों को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।

इसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाना और लोगों को सुगम यातायात की सुविधा उपलब्ध कराना है।

‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ में आएगी तेजी

मुख्यमंत्री ने ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मानसून के बाद इस कार्यक्रम को और गति दी जाए।

जिन गांवों और क्षेत्रों में अभी तक शिविर आयोजित नहीं हुए हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर कैंप लगाए जाएं। अधिकारियों को अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये शिविर केवल औपचारिकता नहीं हैं। इनका उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को उनके क्षेत्र में ही सुनना और उनका त्वरित समाधान करना है।

1905 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की होगी नियमित समीक्षा

मुख्यमंत्री ने 1905 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों को बार-बार अपनी समस्या लेकर कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

सत्यापन अभियान में तेजी, अपात्रों पर होगी कार्रवाई

राज्यभर में चल रहे सत्यापन अभियान को लेकर भी मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और अन्य सरकारी योजनाओं में यदि कोई अपात्र व्यक्ति लाभ ले रहा है तो उसका चिन्हीकरण किया जाए।

नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंच सके।

इसके साथ ही राज्य में चल रहे स्टेट सेक्टर फिजिकल वेरिफिकेशन में भी तेजी लाने को कहा गया।

मुख्यमंत्री घोषणाओं के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में उनकी घोषणाओं के तहत स्वीकृत कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि घोषणाओं से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारा जाए।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग की जाए, ताकि स्वीकृत योजनाएं समय पर पूरी हों और उनका लाभ आम जनता तक पहुंचे।

कांवड़ यात्रा के बाद स्वच्छता पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के बाद प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से यात्रा मार्गों और प्रमुख धार्मिक स्थलों के आसपास सफाई व्यवस्था बेहतर रखने को कहा गया।

उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान को भी प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए प्रभावी अभियान चलाने को कहा गया।

इसके साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रबंधन को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

कृषि, बागवानी और पशुपालन योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाएं

मुख्यमंत्री ने कृषि, बागवानी और पशुपालन से जुड़ी योजनाओं पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए।

उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

विकास कार्यों में तेजी और जवाबदेही पर जोर

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि मानसून, आपदा प्रबंधन और विकास कार्यों से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जिलाधिकारियों से अपने-अपने जिलों में चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी करने और समस्याओं का स्थानीय स्तर पर तेजी से समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सड़क मरम्मत, आपदा प्रबंधन, जनसुनवाई, सत्यापन अभियान और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर जोर दिया।

बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, वर्चुअल माध्यम से आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।

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