उत्तरकाशी। 5 अगस्त को धराली में खीरगंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से आई भीषण आपदा के बाद से ही पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सेना, आईटीबीपी, फायर सर्विस और राजस्व विभाग की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। प्रभावित क्षेत्र में अभी भी फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और मलबे में दबे लोगों की तलाश का कार्य जारी है।
आज उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने आपदा प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया और रेस्क्यू कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। वे मातली हेलीपैड पर लैंड करने के बाद पहले मुख्यमंत्री की मीटिंग में शामिल हुए, इसके उपरांत हर्षिल के लिए रवाना हुए।
मीटिंग में दिए निर्देश मातली में डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों और राहत कार्य से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक कर रेस्क्यू ऑपरेशन की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि राहत और बचाव कार्यों में तेजी, समन्वय और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रभावितों तक जल्द से जल्द मदद पहुंच सके।
अधिकारियों की मौजूदगी इस मौके पर अपर पुलिस महानिदेशक प्रशासन/अभिसूचना एपी अंशुमान, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय, पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप, वरिष्ठ आईएएस अभिषेक रुहेला, पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार राय, एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी, पुलिस उपाधीक्षक जनक सिंह पंवार सहित पुलिस, प्रशासन और आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
डीजीपी ने मौके पर मौजूद बचाव दलों का हौसला बढ़ाया और कहा कि राज्य सरकार और प्रशासन प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।