देहरादून। राजपुर रोड स्थित एक निर्माणाधीन भवन में हुए विवाद के बाद हुई हत्या के मामले में फरार चल रहे दो ईनामी आरोपियों को देहरादून पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे का सरिया भी बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान Mohammad Hussain और Mohammad Asif के रूप में हुई है। दोनों आरोपी सहारनपुर जिले के निवासी हैं और घटना के बाद से लगातार फरार चल रहे थे।
निर्माणाधीन बिल्डिंग में हुआ था खूनी विवाद
मामला देहरादून के डालनवाला क्षेत्र का है। पुलिस को दी गई शिकायत में राजपुर रोड स्थित निर्माणाधीन परियोजना में कार्यरत पिंटू कुमार ने बताया था कि उसके चाचा रामफल ऋषि और उनके साथ काम करने वाले हसन के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए लोहे की सरिया से हमला कर दिया था।
हमले में हसन गंभीर रूप से घायल हो गया था और उसके हाथ में फ्रैक्चर आया था, जबकि रामफल ऋषि को सिर और शरीर पर गंभीर चोटें लगी थीं। उपचार के दौरान रामफल ऋषि की मौत हो गई, जिसके बाद मामले में हत्या की धाराएं जोड़ दी गईं।
गिरफ्तारी से बचने के लिए बदलते रहे ठिकाने
घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन वे हाथ नहीं आए। बाद में न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा दोनों पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
डालनवाला कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने लगातार तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र के माध्यम से आरोपियों की तलाश जारी रखी। आखिरकार दोनों को सहारनपुर जिले के सरदाहेड़ी गांव से गिरफ्तार कर लिया गया।
ठेकेदारी विवाद से शुरू हुआ झगड़ा
पूछताछ में मुख्य आरोपी मोहम्मद हुसैन ने बताया कि वह शटरिंग का ठेकेदार है और निर्माणाधीन भवन में ठेका लेकर काम कर रहा था। उसके साथ गांव के कई मजदूर भी काम कर रहे थे।
आरोपी के अनुसार घटना वाले दिन सरिया हटाने को लेकर उसके मजदूर और दूसरे ठेकेदार पक्ष के लोगों के बीच विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में कहासुनी और मारपीट शुरू हो गई।
आरोपी ने बताया कि गुस्से में उसने और उसके साथी ने पास में पड़ी लोहे की सरिया उठा ली और वहां मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। हमले के बाद दोनों मौके से फरार हो गए।
हत्या में प्रयुक्त सरिया बरामद
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने घटना में इस्तेमाल किए गए लोहे के सरिया के बारे में जानकारी दी। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त सरिया भी बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार घटना के बाद दोनों आरोपी पहले अपने गांव लौटे थे, लेकिन जब उन्हें घायल व्यक्ति की गंभीर हालत और बाद में मौत की जानकारी मिली तो वे गिरफ्तारी से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर छिपते रहे।
गांव लौटते ही पुलिस ने दबोचा
काफी समय तक फरार रहने के बाद दोनों आरोपी यह सोचकर अपने गांव लौट आए कि मामला शांत हो गया होगा। लेकिन पुलिस पहले से उनकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
न्यायालय ने भेजा जेल
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या जैसे गंभीर मामलों में फरार अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून से बचने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।