देहरादून में हुए चर्चित रिटायर्ड ब्रिगेडियर हत्याकांड में अब तक मुख्य आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। शांतनु त्यागी और कविश त्यागी की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अभी तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
पुलिस के अनुसार शांतनु मूल रूप से सहारनपुर और कविश मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। दोनों देहरादून के एक निजी कॉलेज में पढ़ाई करते थे, लेकिन पढ़ाई बीच में छूटने के बाद यहीं रहकर संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो गए।
जांच में सामने आया है कि घटना के दौरान वाहन आदित्य चौधरी चला रहा था, जबकि शांतनु, कविश और एक अन्य आरोपी पीछे बैठे थे। इसी दौरान फायरिंग की गई, जिसमें मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड ब्रिगेडियर की गोली लगने से मौत हो गई।
इस मामले में पुलिस अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें समीर चौधरी और आदित्य चौधरी शामिल हैं। हालांकि मुख्य साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी अभी बाकी है, जिससे मामले की पूरी सच्चाई सामने आना बाकी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। साथ ही देहरादून में पढ़ाई के नाम पर रह रहे ऐसे पूर्व छात्रों की भी पहचान की जा रही है, जो आपराधिक गतिविधियों में शामिल हैं। खासतौर पर प्रेमनगर और क्लेमेनटाउन जैसे इलाकों पर पुलिस की विशेष नजर है।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल के अनुसार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दून में अपराध में लिप्त पूर्व छात्रों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी, ताकि शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।