हल्द्वानी ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ विवाद पर कांग्रेस का हमला, प्रीतम सिंह बोले- जातिगत भेदभाव की मानसिकता बर्दाश्त नहीं होगी

राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, कांग्रेस ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की; कहा- जाति के आधार पर किसी को अशुद्ध बताना संविधान और सामाजिक न्याय के खिलाफ

देहरादून: हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ प्रकरण को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने इस मामले में सरकार की कथित चुप्पी पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

विधायक एवं कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में पार्टी नेताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान प्रीतम सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छुआछूत और जातिगत भेदभाव जैसी मानसिकता को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जाति के आधार पर किसी को अशुद्ध बताना संविधान के खिलाफ

प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां सामाजिक समरसता तथा समानता की भावना को मजबूत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अशुद्ध बताना और किसी सार्वजनिक स्थल का शुद्धिकरण करना संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों के खिलाफ है।

उन्होंने कहा कि जातिगत भेदभाव केवल किसी व्यक्ति का अपमान नहीं है, बल्कि यह समाज में असमानता और छुआछूत जैसी पुरानी मानसिकता को बढ़ावा देता है। ऐसी घटनाओं के खिलाफ राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर स्पष्ट संदेश दिया जाना जरूरी है।

राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग

कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल को सौंपे ज्ञापन में मांग की कि हल्द्वानी में सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस का कहना है कि राज्यसभा में इस मामले को लेकर जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पार्टी ने सरकार से इस मामले में स्पष्ट और प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की मांग

कांग्रेस ने राज्यपाल से मांग की है कि प्रकरण में शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जाए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।

पार्टी ने यह भी मांग की कि भविष्य में जाति के आधार पर किसी व्यक्ति को अपमानित करने, छुआछूत को बढ़ावा देने या सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह के जातिवादी कृत्य करने की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

प्रीतम सिंह बोले- सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा

प्रीतम सिंह ने कहा कि कांग्रेस संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार देता है और किसी भी व्यक्ति के साथ जाति के आधार पर भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्य में, जिसे देश और दुनिया में देवभूमि के रूप में जाना जाता है, सामाजिक समरसता को मजबूत करने की जरूरत है। किसी व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर अशुद्ध बताने की मानसिकता समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वह ऐसे मामलों में आवाज उठाती रहेगी और सामाजिक न्याय तथा संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए राजनीतिक और कानूनी स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।

ज्ञापन सौंपने पहुंचे कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता

राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इनमें डॉ. हरक सिंह रावत, जोत सिंह गुनसोला, शूरवीर सिंह सजवान, नव प्रभात, मदन बिष्ट, विक्रम सिंह नेगी और ज्योति रौतेला समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे।

कांग्रेस नेताओं ने एकजुट होकर मामले में कार्रवाई की मांग की और कहा कि जातिगत भेदभाव तथा छुआछूत जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ स्पष्ट और कठोर संदेश दिया जाना जरूरी है।

सरकार की भूमिका पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस ने भाजपा सरकार की कथित चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सरकार की ओर से तत्काल और स्पष्ट कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि समाज में गलत संदेश न जाए।

कांग्रेस ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति से ऊपर संविधान और सामाजिक न्याय के मूल्य हैं। यदि किसी व्यक्ति के साथ उसकी जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता है तो उस पर राजनीतिक चुप्पी के बजाय कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

फिलहाल हल्द्वानी के कथित ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ अपना रुख और कड़ा कर दिया है। राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर पार्टी ने दोषियों पर कार्रवाई और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।

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