B.Ed-M.Ed की Answer Key में बड़ी गड़बड़ी! राष्ट्रीय पक्षी के सवाल में ‘कौआ’ को बताया सही जवाब, मचा हड़कंप

SSJU की प्रवेश परीक्षा की प्रारंभिक उत्तर कुंजी में कई गलतियां सामने आने से अभ्यर्थियों में नाराजगी; विश्वविद्यालय ने पुरानी Answer Key हटाकर जारी की संशोधित कुंजी, तकनीकी त्रुटि बताई वजह

अल्मोड़ा: सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय (SSJU) की ओर से 16 अगस्त को आयोजित बीएड-एमएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2026 की उत्तर कुंजी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परीक्षा के बाद विश्वविद्यालय की ओर से जारी प्रारंभिक उत्तर कुंजी में कई प्रश्नों के उत्तर गलत दर्ज होने की बात सामने आई, जिसके बाद अभ्यर्थियों में नाराजगी देखने को मिली।

सबसे ज्यादा चर्चा उस प्रश्न को लेकर हुई, जिसमें भारत के राष्ट्रीय पक्षी से जुड़े सवाल के जवाब में मोर की जगह ‘कौआ’ को सही उत्तर बताया गया था। उत्तर कुंजी में इस तरह की गड़बड़ी सामने आने के बाद अभ्यर्थियों ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था और Answer Key तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी वेबसाइट से पुरानी उत्तर कुंजी हटा दी और संशोधित Answer Key अपलोड कर दी। विश्वविद्यालय ने प्रारंभिक गलतियों को तकनीकी त्रुटि बताया है।

5352 अभ्यर्थियों ने दी थी B.Ed-M.Ed संयुक्त प्रवेश परीक्षा

बीएड-एमएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2026 कराने की जिम्मेदारी सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय को दी गई थी। परीक्षा में प्रदेशभर से कुल 5352 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

16 अगस्त को परीक्षा संपन्न होने के बाद विश्वविद्यालय ने अपनी वेबसाइट पर प्रारंभिक उत्तर कुंजी जारी की। अभ्यर्थियों ने जब Answer Key में दिए गए उत्तरों का अपने प्रश्नपत्रों से मिलान किया तो कुछ सवालों के जवाब गलत दिखाई दिए।

इसके बाद अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए उत्तर कुंजी में सामने आई गड़बड़ियों पर आपत्ति जतानी शुरू कर दी। धीरे-धीरे मामला चर्चा में आया और विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रारंभिक उत्तर कुंजी में हुई गलतियों को सुधारना पड़ा।

राष्ट्रीय पक्षी के सवाल में ‘कौआ’ को बताया सही उत्तर

उत्तर कुंजी में सबसे चौंकाने वाली गलती भारत के राष्ट्रीय पक्षी से जुड़े प्रश्न में सामने आई। प्रश्न भारत के राष्ट्रीय पक्षी को लेकर था, लेकिन प्रारंभिक Answer Key में ‘कौआ’ को सही उत्तर के तौर पर दर्शाया गया।

जबकि भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर है। इस गलती को देखकर अभ्यर्थियों ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि सामान्य ज्ञान के इतने बुनियादी प्रश्न के उत्तर में इस तरह की गलती सामने आना गंभीर मामला है।

राष्ट्रीय पक्षी वाले प्रश्न की गड़बड़ी सामने आने के बाद अन्य प्रश्नों की Answer Key को लेकर भी अभ्यर्थियों ने बारीकी से जांच शुरू कर दी। अभ्यर्थियों ने उत्तराखंड के क्षेत्रफल और अन्य सामान्य ज्ञान से जुड़े कुछ सवालों के उत्तरों में भी गड़बड़ी होने की बात कही।

सोशल मीडिया पर भी उठे सवाल

प्रारंभिक उत्तर कुंजी सामने आने के बाद अभ्यर्थियों ने अपने प्रश्नपत्रों और Answer Key में दिए गए उत्तरों का मिलान किया। जिन प्रश्नों के उत्तर संदिग्ध या गलत पाए गए, उन्हें लेकर अभ्यर्थियों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।

राष्ट्रीय पक्षी वाले सवाल में कौआ को उत्तर बताए जाने के बाद यह मामला सबसे ज्यादा चर्चा में आया। अभ्यर्थियों के बीच यह सवाल भी उठने लगा कि यदि प्रारंभिक उत्तर कुंजी में इतने स्पष्ट प्रश्न के उत्तर में गलती हो सकती है तो अन्य प्रश्नों के उत्तर कितने सही हैं।

विश्वविद्यालय ने पुरानी Answer Key हटाई

मामला सामने आने के बाद सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी वेबसाइट से पहले जारी की गई उत्तर कुंजी को हटा दिया। इसके बाद संशोधित उत्तर कुंजी वेबसाइट पर अपलोड की गई।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रारंभिक Answer Key में हुई गलतियों को तकनीकी त्रुटि बताया है। प्रशासन के अनुसार उत्तर कुंजी तैयार करते समय सेक्शनवार उत्तर तैयार करने के दौरान तकनीकी स्तर पर गड़बड़ी हुई, जिसके कारण कुछ प्रश्नों के उत्तर गलत दर्ज हो गए।

संशोधित उत्तर कुंजी में संबंधित प्रश्नों के सही उत्तर उपलब्ध करा दिए गए हैं।

कुलसचिव ने अभ्यर्थियों को दी नई Answer Key देखने की सलाह

विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि तकनीकी कारणों से पूर्व में जारी उत्तर कुंजिका में कुछ त्रुटियां हो गई थीं। इन त्रुटियों को संशोधित कर नई उत्तर कुंजी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है।

उन्होंने अभ्यर्थियों से अपील की कि वे नई और संशोधित उत्तर कुंजी को देखें और उसी के आधार पर अपने उत्तरों का मिलान करें।

विश्वविद्यालय की ओर से यह भी कहा गया है कि यदि किसी अभ्यर्थी को किसी प्रश्न के उत्तर को लेकर आपत्ति है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है।

अभ्यर्थियों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका

संशोधित Answer Key जारी होने के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया पर है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि किसी प्रश्न के उत्तर को लेकर आपत्ति होने पर अभ्यर्थी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

इस प्रक्रिया के तहत प्राप्त आपत्तियों के आधार पर संबंधित प्रश्नों और उनके उत्तरों की समीक्षा की जा सकती है। इसके बाद प्रवेश परीक्षा की आगे की प्रक्रिया संशोधित उत्तर कुंजी के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी।

परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

बीएड-एमएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा में प्रदेशभर से 5352 अभ्यर्थियों के शामिल होने के बाद Answer Key में इस तरह की गलतियां सामने आने से विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

खासकर राष्ट्रीय पक्षी जैसे सामान्य ज्ञान के प्रश्न में ‘कौआ’ को सही उत्तर बताए जाने से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ी। इसके अलावा उत्तराखंड के क्षेत्रफल और अन्य सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्नों के उत्तरों में भी गड़बड़ी के दावे सामने आने से प्रारंभिक उत्तर कुंजी की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।

हालांकि विश्वविद्यालय ने मामले को तकनीकी त्रुटि बताते हुए पुरानी Answer Key हटा दी है और संशोधित उत्तर कुंजी जारी कर दी है।

अब संशोधित Answer Key पर टिकी अभ्यर्थियों की नजर

उत्तर कुंजी में हुई गड़बड़ियों के बाद अब अभ्यर्थियों की नजर संशोधित Answer Key और आगे की प्रवेश प्रक्रिया पर टिकी हुई है। अभ्यर्थियों के लिए संशोधित उत्तर कुंजी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी के आधार पर वे अपने संभावित अंक का आकलन कर सकेंगे।

विश्वविद्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में जारी उत्तर कुंजी में हुई तकनीकी त्रुटियों को सुधार दिया गया है। ऐसे में अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे पुरानी उत्तर कुंजी के बजाय विश्वविद्यालय की ओर से जारी संशोधित Answer Key को ही आधार मानें।

फिलहाल B.Ed-M.Ed संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2026 की Answer Key में ‘कौआ’ को राष्ट्रीय पक्षी बताए जाने की गलती ने विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा जरूर छेड़ दी है। अब देखना होगा कि संशोधित उत्तर कुंजी के बाद अभ्यर्थियों की आपत्तियों और प्रवेश प्रक्रिया पर विश्वविद्यालय की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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