देहरादून। दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तराखंड मूल के शेफ केशव नेगी की गिरफ्तारी को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माने लगा है। जहां एक ओर सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग केशव नेगी के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं, वहीं अब कांग्रेस भी खुलकर उनके पक्ष में उतर आई है। उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने गिरफ्तारी पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए दिल्ली सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
गणेश गोदियाल ने कहा कि मालवीय नगर अग्निकांड एक अत्यंत दुखद और संवेदनशील घटना है, लेकिन इसके बाद जिस प्रकार की कार्रवाई की जा रही है, वह कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार तंत्र अपनी जवाबदेही से बचने के लिए एक सामान्य कर्मचारी को निशाना बना रहे हैं।
“शेफ का काम खाना बनाना, आग बुझाना नहीं”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार केशव नेगी होटल में शेफ के रूप में कार्यरत थे। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या होटल में आग लगने की स्थिति में उसे नियंत्रित करना या अग्निशमन व्यवस्था संभालना उनकी जिम्मेदारी थी?
उन्होंने कहा कि अचानक आग लगने जैसी भयावह स्थिति में कोई भी व्यक्ति सबसे पहले अपनी जान बचाने का प्रयास करता है। ऐसे में केवल इस आधार पर किसी कर्मचारी को दोषी ठहराना उचित नहीं माना जा सकता। उन्होंने मांग की कि जांच एजेंसियां होटल प्रबंधन, सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्थाओं की भी गहन जांच करें।
होटल प्रबंधन की भूमिका पर भी उठे सवाल
गणेश गोदियाल ने कहा कि यह भी जांच का विषय है कि होटल में आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। क्या फायर सेफ्टी मानकों का पालन किया जा रहा था? क्या होटल के पास आवश्यक अनुमतियां और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे? इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और संबंधित एजेंसियां अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए एक साधारण नौकरीपेशा व्यक्ति को मामले में फंसा रही हैं। कांग्रेस नेता ने दिल्ली सरकार से हस्तक्षेप कर मामले की निष्पक्ष समीक्षा करने और केशव नेगी को तत्काल राहत देने की मांग की।
मृतकों के प्रति जताई संवेदना
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह हादसा अत्यंत पीड़ादायक है और इस कठिन समय में उनकी संवेदनाएं मृतकों के परिजनों के साथ हैं। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की।
निष्पक्ष जांच की मांग तेज
गौरतलब है कि इससे पहले हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी भी दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत कर मामले की निष्पक्ष, गहन और पारदर्शी जांच की मांग कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से इस संबंध में चर्चा कर चुके हैं।
21 लोगों की गई थी जान
उल्लेखनीय है कि 3 जून को दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में सुबह भीषण आग लग गई थी। हादसे में बेसमेंट में फंसे 21 लोगों की धुएं और आग की चपेट में आने से मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। मृतकों में बड़ी संख्या विदेशी नागरिकों की बताई गई है। बचाव अभियान के दौरान कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे।
घटना के बाद होटल मालिक की गिरफ्तारी की गई थी और जांच के दौरान होटल में कार्यरत शेफ केशव नेगी को भी गिरफ्तार किया गया। उनकी गिरफ्तारी को लेकर अब सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर बहस तेज हो गई है।
जांच पर टिकी सभी की निगाहें
मालवीय नगर अग्निकांड की जांच अभी जारी है। ऐसे में यह मामला केवल कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय भी बन गया है। विभिन्न पक्षों की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है और सभी की निगाहें अब जांच एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।