देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक में जन शिकायतों के निस्तारण को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के समाधान में लापरवाही या उदासीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शून्य प्रतिशत कार्रवाई वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने पेयजल विभाग और जल जीवन मिशन से जुड़ी बड़ी संख्या में शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए सभी लंबित मामलों का एक सप्ताह के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय में शिकायतों का समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
67,843 शिकायतें मिलीं, 20 हजार से ज्यादा का पूर्ण निस्तारण
समीक्षा बैठक में सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने बताया कि 18 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 तक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर कुल 67,843 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 20,461 शिकायतों का पूर्ण निस्तारण, 31,363 का आंशिक निस्तारण और 7,404 शिकायतें प्रक्रियाधीन हैं। वहीं 4,061 शिकायतें लंबित हैं, जबकि 3,738 शिकायतों को स्पेशल क्लोज श्रेणी में रखा गया है।
इस अवधि में स्पेशल क्लोज शिकायतों की दर घटकर 5.5 प्रतिशत रह गई है, जिसे पूर्व अवधि की तुलना में सुधार बताया गया।
शून्य कार्रवाई वाले अधिकारियों को नोटिस
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों की हेल्पलाइन शिकायतों पर कार्रवाई की स्थिति शून्य प्रतिशत है, संबंधित विभागाध्यक्ष उन्हें तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करें। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि निर्धारित समय में समाधान नहीं होने वाली शिकायतों की विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी स्तर पर नियमित समीक्षा होनी चाहिए। स्पेशल क्लोज, डिमांड और सजेशन जैसी श्रेणियों में डाली गई शिकायतों की भी गंभीरता से जांच की जाए, ताकि वास्तविक शिकायतें कार्रवाई से बाहर न हों।
हर सोमवार समाधान दिवस
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक सोमवार को जनपद स्तर पर जिलाधिकारी, मंडल स्तर पर मंडलायुक्त और शासन स्तर पर सचिव समाधान दिवस आयोजित कर जनसमस्याओं की सुनवाई करें। उन्होंने समाधान दिवस को प्रभावी जनसेवा का मंच बनाने और इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों द्वारा सेवाकाल की शुरुआत वाले क्षेत्रों में किए गए नवाचारों की विस्तृत सूची 50 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
रिटायरमेंट के बाद पहले महीने से मिले पेंशन
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद पहले ही महीने से पेंशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेंशन शुरू होने में किसी भी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागाध्यक्ष की होगी।
चारधाम यात्रा और भूमि विवादों पर भी निर्देश
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
भूमि संबंधी विवादों का भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने और लंबित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए।
शिकायतकर्ताओं से फोन पर बात कर लिया फीडबैक
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं से फोन पर बात कर उनकी शिकायतों के निस्तारण की स्थिति का फीडबैक लिया।
अल्मोड़ा के मोहम्मद सलमान ने बताया कि कूड़ा निस्तारण संबंधी शिकायत का समाधान हो गया है। उन्होंने नाली निर्माण की समस्या भी बताई, जिस पर मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा को 24 घंटे के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए।
टिहरी के आकाश रमोला ने चंबा की सुमन कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति की शिकायत के समाधान की जानकारी दी। वहीं हरिद्वार के जुल्फिकार खान की राजस्व संबंधी समस्या पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए।
उधम सिंह नगर के नजम खान और अल्मोड़ा के नंदन सिंह ने भी हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायतों के संतोषजनक समाधान पर मुख्यमंत्री का आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक में केवल शिकायतों की संख्या नहीं, बल्कि समाधान की गुणवत्ता, शिकायतकर्ता की संतुष्टि और विभागीय जवाबदेही के आधार पर समीक्षा की जाएगी।