रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भारी बारिश के बीच एक बार फिर भूस्खलन की घटना सामने आई है। गौरीकुंड गेट से करीब 200 मीटर आगे पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने के कारण पैदल मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल आवाजाही रोक दी है।
लगातार बारिश के बीच हुए भूस्खलन के बाद प्रशासन ने यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया है। मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही संबंधित विभागों और राहत-बचाव दलों को मौके के लिए रवाना किया गया।
मलबा हटाने का काम जारी
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि पैदल मार्ग से मलबा हटाने और आवागमन बहाल करने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। हालांकि, क्षेत्र में लगातार बारिश और पहाड़ी से रुक-रुककर मलबा व पत्थर गिरने के कारण राहत एवं मार्ग बहाली कार्य में परेशानी आ रही है।
प्रशासन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और मार्ग को सुरक्षित बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं और यात्रियों से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और बिना अनुमति के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र की ओर आगे बढ़ने का प्रयास न करें। यात्रियों से जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, यात्रा मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही श्रद्धालुओं की आवाजाही दोबारा शुरू की जाएगी।