कपाट बंद होने की तारीख नजदीक, कड़ाके की ठंड और बर्फबारी के बावजूद श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह, 16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे बदरीविशाल के कपाट
चमोली। बदरीनाथ धाम की यात्रा अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, लेकिन भगवान बदरीविशाल के दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। कपाट बंद होने की तिथि नजदीक आने के बावजूद धाम में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। आलम यह है कि प्रतिदिन 10 हजार से अधिक श्रद्धालु बदरीविशाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। रविवार तक बदरीनाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 22 लाख के पार पहुंच गई है।
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और धाम में पड़ रही कड़ाके की ठंड भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं पा रही है। पिछले दिनों बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर हुई बर्फबारी के बाद यहां तापमान में काफी गिरावट आई है। सुबह और शाम चलने वाली ठंडी हवाओं के चलते ठिठुरन बढ़ गई है, इसके बावजूद देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए बदरीनाथ पहुंच रहे हैं।
यात्रियों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोतरी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शनिवार तक बदरीनाथ धाम में 21 लाख 92 हजार 54 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। वहीं, रविवार को यह आंकड़ा 22 लाख के पार पहुंच गया। शनिवार और रविवार को भी धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। प्रतिदिन 10 हजार से अधिक यात्रियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है।
बदरीनाथ मंदिर के कपाट 16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाने हैं। ऐसे में कपाट बंद होने से पहले भगवान बदरीविशाल के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आ रहा है। माना जा रहा है कि यदि इसी तरह यात्रियों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा तो आगामी कुछ दिनों में श्रद्धालुओं की कुल संख्या 23 लाख के पार पहुंच सकती है।
गौरतलब है कि इस वर्ष बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। यात्रा के अंतिम पड़ाव में भी जिस तरह से तीर्थयात्रियों की भीड़ उमड़ रही है, उससे साफ है कि कठिन मौसम और कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई है।