पुलिसकर्मियों ने पीछा कर दोनों को दबोचा, मौके पर अतिरिक्त बल बुलाकर भीड़ को हटाया; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
रुद्रपुर। उत्तराखंड के चर्चित रुद्रपुर सामूहिक दुष्कर्म मामले में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब क्राइम सीन रिक्रिएशन के बाद लौटते समय पुलिस अभिरक्षा में मौजूद दो आरोपियों ने भागने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने तत्काल पीछा कर दोनों को कुछ दूरी पर पकड़ लिया। इसी दौरान मौके पर मौजूद आक्रोशित भीड़ ने दोनों आरोपियों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने अतिरिक्त बल बुलाकर भीड़ को पीछे हटाया और दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच कोतवाली पहुंचाया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
पुलिस कस्टडी से भागने की कोशिश
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को पुलिस सामूहिक दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार तीन आरोपियों में से दो को घटनास्थल पर क्राइम सीन रिक्रिएट कराने के लिए लेकर गई थी। कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस टीम दोनों को वापस कोतवाली लेकर लौट रही थी।
इसी दौरान रास्ते में मौजूद भीड़ का फायदा उठाकर दोनों आरोपियों ने पुलिस अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने तुरंत उनका पीछा किया और कुछ दूरी पर दोनों को पकड़ लिया।
आरोपियों को देखते ही भड़की भीड़
आरोपियों के पकड़े जाने के बाद मौके पर मौजूद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लोगों ने दोनों को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। भीड़ में आरोपियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कड़ी सजा की मांग भी की गई।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिसकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। भीड़ बढ़ने पर अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुलाया गया। इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर लोगों को पीछे हटाया और दोनों आरोपियों को सुरक्षित वाहन तक पहुंचाया।
पुलिस सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद आरोपियों की सुरक्षा और पुलिस अभिरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस कस्टडी में होने के बावजूद दोनों आरोपियों के भागने का प्रयास और फिर भीड़ का उनके करीब पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की ओर इशारा करता है।
हालांकि, आरोपी किस तरह पुलिस की पकड़ से निकले और भीड़ उनके पास तक कैसे पहुंची, इसे लेकर फिलहाल आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऊधम सिंह नगर के एसएसपी अजय गणपति से प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया गया, लेकिन खबर लिखे जाने तक इस घटनाक्रम पर उनका आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था।
पहले पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए थे आरोपी
रुद्रपुर सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने 27-28 जुलाई की देर रात आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी के पैर में गोली लगी। वहीं उसके दो साथियों को भी पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया था।
घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जबकि अन्य दोनों आरोपियों को पुलिस ने मंगलवार को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिक्रिएट कराया।
क्या है पूरा मामला?
मामला 25 जुलाई की रात का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, सिडकुल क्षेत्र में काम करने वाली एक युवती अपनी सहेली और दो परिचित युवकों के साथ भूरारानी रोड पर गई थी। इसी दौरान बाइक सवार तीन युवकों ने उन्हें रोक लिया।
आरोप है कि तीनों युवक चारों को जबरन अपने साथ ले जाने लगे। रास्ते में मौका पाकर एक युवक और एक युवती चलती बाइक से कूदकर भाग निकले। जबकि दूसरी युवती और एक युवक आरोपियों के कब्जे में रह गए।
आरोप है कि बाद में युवक को रास्ते में छोड़ दिया गया और युवती को आरोपी अपने साथ ले गए। पीड़िता ने आरोप लगाया कि तीनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और रविवार सुबह उसे मेट्रोपोलिस अंडरपास के पास छोड़कर फरार हो गए।
पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। पुलिस के आधिकारिक बयान के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों आरोपी किस तरह अभिरक्षा से भागे और भीड़ द्वारा की गई मारपीट की परिस्थितियां क्या थीं।