Uttarakhand Election 2027: बिहार से उत्तराखंड पहुंचीं EVM, सितंबर से शुरू होगी जांच; अफसरों की ट्रेनिंग भी होगी तेज

देहरादून: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर प्रशासनिक और चुनावी तैयारियां अब तेज होने लगी हैं। प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चलने के बीच मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनाव की तैयारियों को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली है। इसी क्रम में बिहार से अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) उत्तराखंड पहुंच चुकी हैं और इन्हें जिलों में भेज दिया गया है।

चुनाव आयोग के तय कार्यक्रम के अनुसार सितंबर-अक्तूबर में प्रदेशभर में ईवीएम की प्रथम स्तर की जांच (First Level Checking) की जाएगी। वहीं, अगले महीने जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEO), रिटर्निंग अधिकारियों (RO) समेत चुनाव से जुड़े अन्य अधिकारियों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू होने जा रहा है।

बिहार से उत्तराखंड पहुंचीं हजारों EVM

आगामी विधानसभा चुनाव के लिए उत्तराखंड में पहले से उपलब्ध ईवीएम के अलावा बिहार से अतिरिक्त मशीनें मंगाई गई हैं। इनमें 2,500 बैलेट यूनिट, 6,000 VVPAT और 12,500 कंट्रोल यूनिट शामिल हैं।

बिहार से पहुंची इन मशीनों को अब जिलावार भेज दिया गया है। चुनाव से पहले सभी मशीनों की तकनीकी जांच और तैयारियों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि मतदान के दौरान किसी तरह की तकनीकी समस्या से बचा जा सके।

प्रदेश में पहले से मौजूद हैं बड़ी संख्या में मशीनें

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, पिछले लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश में बड़ी संख्या में ईवीएम उपलब्ध हैं। वर्तमान उपलब्धता के मुताबिक उत्तराखंड में करीब:

  • 25,697 VVPAT

  • 27,700 बैलेट यूनिट

  • 36,553 कंट्रोल यूनिट

मौजूद हैं।

बिहार से भेजी गई अतिरिक्त मशीनों को शामिल करने के बाद जिलों में चुनाव के लिए आवश्यक ईवीएम की उपलब्धता और मजबूत होगी।

सितंबर-अक्तूबर में EVM की पहली जांच

चुनाव आयोग के प्लानर के अनुसार सितंबर और अक्तूबर में प्रदेशभर में सभी ईवीएम की प्रथम स्तर की जांच की जाएगी। इस प्रक्रिया में मशीनों की तकनीकी स्थिति की जांच की जाएगी और जो मशीनें मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाएंगी या जिनमें किसी तरह की खराबी होगी, उन्हें चुनाव प्रक्रिया से पहले ही अलग कर दिया जाएगा।

जांच के बाद सही पाई गई ईवीएम को सुरक्षित तरीके से स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा। इससे मतदान से पहले मशीनों की उपलब्धता और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

अगले महीने पांच दिवसीय प्रशिक्षण

चुनावी तैयारियों के तहत अगले महीने जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इस प्रशिक्षण में अधिकारियों को चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी जिम्मेदारियों, ईवीएम संचालन, चुनावी प्रोटोकॉल और अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा चुनाव आयोग की तैयारियों के तहत राजनीतिक दलों से जुड़े प्रतिनिधियों और विभिन्न चुनावी सेल के अधिकारियों का प्रशिक्षण भी शुरू किया जाएगा।

मतदाता जागरूकता पर भी रहेगा फोकस

चुनाव की तैयारियां सिर्फ ईवीएम और अधिकारियों के प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहेंगी। जिलावार व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं चुनावी भागीदारी बढ़ाने (SVEEP) की कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।

इसका उद्देश्य मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया के प्रति जागरूक करना, मतदान के लिए प्रेरित करना और मतदाता सूची से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराना होगा।

खास तौर पर SIR की प्रक्रिया के बीच मतदाता सूची को लेकर जागरूकता और सत्यापन को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चुनावी सामग्री की खरीद भी जल्द

मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक चुनावी तैयारियों को आयोग के प्लानर के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है। आने वाले दिनों में चुनाव से संबंधित आवश्यक सामग्री की खरीद प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

इसमें पावर पैक, सील, टैग और अन्य चुनावी सामग्री शामिल हैं। चुनाव से काफी पहले इन सामग्रियों की व्यवस्था पूरी करने का लक्ष्य रखा जा रहा है, ताकि मतदान के समय किसी तरह की कमी सामने न आए।

तीन साल से एक ही जगह जमे अफसरों के होंगे तबादले

विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। प्रदेश में तीन साल या उससे अधिक समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों को हटाने की तैयारी है।

इसमें आईएएस, पीसीएस और चुनाव ड्यूटी से जुड़े अन्य अधिकारी शामिल हैं। इसके लिए चुनाव आयोग की ओर से राज्य को जल्द पत्र भेजे जाने की संभावना है।

चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत चुनाव से करीब छह महीने पहले ऐसे अधिकारियों के तबादले किए जाते हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की प्रशासनिक असमानता या पक्षपात की आशंका न रहे।

तबादले के बाद नए अधिकारियों को भी चुनाव से संबंधित प्रशिक्षण और तैयारियों में शामिल किया जाएगा।

SIR के बीच चुनावी तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार

उत्तराखंड में एक ओर जहां मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चल रहा है, वहीं दूसरी ओर विधानसभा चुनाव की प्रशासनिक तैयारियां भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

ईवीएम की उपलब्धता, उनकी प्रथम स्तर की जांच, अधिकारियों का प्रशिक्षण, चुनावी सामग्री की खरीद, मतदाता जागरूकता अभियान और अधिकारियों के संभावित तबादले—इन सभी प्रक्रियाओं को चुनाव आयोग के तय प्लानर के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है।

ऐसे में साफ है कि उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों का प्रशासनिक पहिया अब तेज गति से घूमने लगा है।

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