शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगारों का सीएम आवास कूच, पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोका, सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
देहरादून: उत्तराखंड में शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगारों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। पिछले एक महीने से अधिक समय से शिक्षा निदेशालय के बाहर धरने पर बैठे प्रशिक्षित युवाओं ने रविवार को अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच किया। हालांकि पुलिस ने सुभाष रोड पर पुलिस मुख्यालय के पास बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में उन्होंने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर जल्द मांगें पूरी करने की अपील की।
4 जून से जारी है अनिश्चितकालीन धरना
शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षित बेरोजगार संगठन का कहना है कि वे 4 जून से शिक्षा निदेशालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। लगातार अनदेखी से नाराज अभ्यर्थियों ने अब आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है।
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें?
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चंद्र पांडे ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगें हैं—
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उच्च प्राथमिक विद्यालयों (कक्षा 6 से 8) में प्रत्येक विद्यालय में एक शारीरिक शिक्षा शिक्षक की नियुक्ति अनिवार्य की जाए।
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प्राथमिक विद्यालयों में भी शारीरिक शिक्षा शिक्षकों के पद सृजित कर नियुक्तियां की जाएं।
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लंबे समय से भर्ती न होने के कारण अभ्यर्थियों को आयु सीमा में विशेष छूट प्रदान की जाए।