हरिद्वार। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी साफ दिखाई देने लगा है। हरिद्वार में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे प्रशासन ने गंगा से सटे निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। हालांकि फिलहाल जलस्तर चेतावनी स्तर से नीचे है, लेकिन लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
शुक्रवार दोपहर भीमगौड़ा बैराज पर गंगा का जलस्तर 291.10 मीटर दर्ज किया गया, जो सामान्य स्तर से अधिक है। चेतावनी स्तर 293 मीटर निर्धारित है। अधिकारियों का कहना है कि यदि पहाड़ों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा राज्यभर में भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद पिछले तीन दिनों से लगातार वर्षा हो रही है। इसका असर हरिद्वार के अलावा आसपास की नदियों पर भी देखने को मिल रहा है। सोलानी, पथरी रौह, बाणगंगा और रवासन नदी उफान पर हैं, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई है।
लक्सर, खानपुर और लालढांग क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई गांवों के आसपास पानी भर गया है और कुछ स्थानों पर सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। लालढांग क्षेत्र में निर्माणाधीन हरिद्वार-नजीबाबाद हाईवे के कारण जल निकासी प्रभावित होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग लगातार गंगा के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं और हर घंटे जलस्तर की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जा रही है। गंगा किनारे बसे गांवों में लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से नदी के किनारे न जाने की अपील की गई है।
हालांकि अभी तक किसी तटबंध के टूटने की सूचना नहीं है, लेकिन प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। हाल ही में तेज बहाव के बीच फंसे एक पिता-पुत्र का एसडीआरएफ द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू भी किया गया था।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें, अफवाहों से बचें और आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का तुरंत पालन करें।