देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) पेपर लीक मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। मुख्य आरोपी खालिद की तलाश तेज हो गई है। खालिद के अलावा उसके मददगारों की भी पहचान की जा रही है। इनमें से एक शख्स ने परीक्षा केंद्र के भीतर मोबाइल पहुंचाने और प्रश्नपत्र बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई थी। माना जा रहा है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद मामले की कई बड़ी गुत्थियां सुलझ जाएंगी।
बहन साबिया की गिरफ्तारी और पूछताछ
देहरादून पुलिस ने हरिद्वार के लक्सर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर से खालिद की बहन साबिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस को शक है कि साबिया ने खालिद की मदद की थी। खालिद की दूसरी बहन हीना और प्रश्नपत्र के जवाब तैयार करने वाली सहायक प्रोफेसर सुमन पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि खालिद ने भर्ती परीक्षा के लिए चार अलग-अलग पहचान का इस्तेमाल करके ऑनलाइन आवेदन किए थे। हर फॉर्म में फोटो, पिता का नाम और मोबाइल नंबर तक अलग थे।
पेपर लीक की चेन की जांच
पुलिस टीम ने हरिद्वार स्थित आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादरपुर जट का निरीक्षण किया। इसी सेंटर से प्रश्नपत्र बाहर निकला था। टीम ने विद्यालय प्रबंधन, कक्ष निरीक्षकों और अन्य गवाहों से लंबी पूछताछ की। साइबर सर्विलांस और गवाहों के बयान के आधार पर कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। एसपी देहात जया बलूनी के नेतृत्व में जांच टीम लगातार दबिश दे रही है।
खालिद का प्लान और बेरोजगार संघ का आरोप
पुलिस जांच में सामने आया है कि खालिद ने कई पहचान के साथ आवेदन इसलिए किए ताकि वह उस सेंटर पर परीक्षा दे सके जहां नकल की सेटिंग पहले से हो। यही वजह है कि उसके सभी फॉर्म अलग-अलग जानकारियों और फोटो से भरे गए। उधर, बेरोजगार संघ का कहना है कि 21 सितंबर को सुबह 11 बजे परीक्षा शुरू हुई थी और आधे घंटे बाद ही 11:35 बजे पेपर लीक हो गया। संघ ने इस पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है और 22 सितंबर को सचिवालय कूच भी किया।
पुलिस को मिले अहम साक्ष्य
देहरादून एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि जांच टीम को कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। खालिद की गिरफ्तारी के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे पेपर लीक नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।