उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली है। गढ़वाल मंडल के चमोली जिले की प्रसिद्ध नीती घाटी में सोमवार दोपहर तेज हवाओं के साथ सीजन की पहली बर्फबारी शुरू हो गई। दिसंबर की शुरुआत के साथ ही बर्फबारी के बढ़ते दौर ने क्षेत्र में ठिठुरन को काफी बढ़ा दिया है। दोपहर बाद हुई बर्फबारी के बाद पूरे इलाके में ठंड की तीव्रता में अचानक भारी उछाल आया है और स्थानीय लोग गर्म कपड़ों में सिकुड़ते नजर आए।
सुबह से ही चमोली जिले के अधिकांश हिस्सों में आसमान बादलों से ढका रहा, हालांकि करीब 10 बजे के आसपास हल्की धूप निकलने पर कुछ राहत महसूस हुई। लेकिन दोपहर बाद मौसम का मिज़ाज फिर तेजी से बदला। ऊंची चोटियां घने बादलों से ढक गईं और देखते ही देखते नीती घाटी में बर्फ के फाहे हवा के साथ गिरने लगे। कुछ ही समय में घाटी की चोटियों ने सफेद चादर ओढ़ ली। मौसम विभाग ने इस बर्फबारी की पहले ही संभावना जताई थी और ऊंचाई वाले इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया गया था।
इस समय नीती घाटी में स्थानीय आबादी कम है, क्योंकि सर्दियों के आगमन के साथ ही यहां के निवासी अपने परंपरागत प्रवास के तहत निचले इलाकों की ओर चले जाते हैं। लेकिन क्षेत्र की सामरिक संवेदनशीलता को देखते हुए सेना और आईटीबीपी की तैनाती पहले की तरह जारी है। जवान हर मौसम में चौकसी पर रहते हैं और बर्फबारी के दौरान भी नियमित गश्त कर रहे हैं। वहीं, घाटी में मौजूद कुछ होम-स्टे संचालक अपने प्रतिष्ठान की देखरेख और यात्रियों के लिए उपलब्ध रहने की वजह से वहीं टिके हुए हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि रात में बर्फबारी और बढ़ सकती है। तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है, जिसके कारण नीती घाटी, माणा, बंपा और आसपास के कई ऊंचाई वाले क्षेत्र कड़ाके की ठंड की चपेट में आ गए हैं। वहीं, मैदानी और निचले इलाकों में भी शीतलहर का असर तेज हो गया है। शाम ढलते ही तापमान तेजी से गिर रहा है, जिससे दून और आसपास के क्षेत्रों में लोग ठिठुरन से परेशान हो गए हैं।
ठंड से राहत दिलाने के लिए नगर निगम और नगर पंचायतों ने कई जगहों पर अलाव की व्यवस्था की है। लोग खासकर सुबह और शाम के समय इन अलाव स्थलों पर जुटकर कुछ देर गर्माहट लेते हुए नजर आ रहे हैं। लगातार ठंड बढ़ने से बाजारों में भी ऊनी कपड़ों की मांग बढ़ गई है और स्थानीय व्यापारी सर्दियों की भीड़ बढ़ने की उम्मीद कर रहे हैं।
बर्फबारी के इस नए दौर ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों में उत्साह भी बढ़ा दिया है, लेकिन इसके साथ ही तापमान में गिरावट और शीतलहर की चुनौती ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित करना भी शुरू कर दिया है। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी एक-दो दिन तक पहाड़ी क्षेत्रों में यही स्थिति बनी रह सकती है।