रुद्रपुर।Rudrapur की बेटी Jasmeet Kaur ने उत्तराखंड लोअर पीसीएस परीक्षा 2024 में प्रदेशभर में प्रथम स्थान प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे ऊधम सिंह नगर जिले में खुशी का माहौल है। परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का उनके घर पर लगातार बधाई देने के लिए पहुंचना जारी है।
बचपन से ही पढ़ाई में रहीं अव्वल
जसमीत कौर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रुद्रपुर के आर्य पब्लिक स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने होली चाइल्ड स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली से स्नातक की डिग्री हासिल की।
जसमीत बचपन से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रही हैं। उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों परीक्षाओं में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इतना ही नहीं, नौवीं कक्षा में उन्होंने अबेकस प्रतियोगिता में उत्तराखंड अवार्ड भी अपने नाम किया था।
दूसरे प्रयास में मिली बड़ी सफलता
जसमीत कौर ने बताया कि यह उनका दूसरा प्रयास था। पहले प्रयास में उनका चयन समाज कल्याण अधिकारी के पद पर हुआ था। वर्तमान में उनकी तैनाती Bageshwar में जिला समाज कल्याण अधिकारी के रूप में है।
हालांकि उन्होंने अपने लक्ष्य को और ऊंचा रखते हुए तैयारी जारी रखी और इस बार उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा में प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर अपनी मेहनत का शानदार परिणाम हासिल किया।
रोज 8 से 10 घंटे पढ़ाई, अनुशासन बना सफलता की कुंजी
जसमीत ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान वह प्रतिदिन 8 से 10 घंटे तक पढ़ाई करती थीं। नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास उनकी सफलता के सबसे बड़े आधार रहे।
उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ बैडमिंटन खेलना उन्हें बेहद पसंद है। इससे उन्हें मानसिक संतुलन बनाए रखने और तनाव कम करने में मदद मिलती थी।
माता-पिता और शिक्षकों को दिया सफलता का श्रेय
जसमीत ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में परिवार के निरंतर प्रोत्साहन और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
उनके पिता Jaswant Singh Pahwa रुद्रपुर के गोल मार्केट स्थित गुरुद्वारे के पास सर्वोकोन की दुकान संचालित करते हैं। उन्होंने कहा कि बेटी की इस उपलब्धि ने पूरे परिवार को गौरवान्वित कर दिया है।
युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा
जसमीत कौर की सफलता आज पूरे उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प, लगातार मेहनत और सही मार्गदर्शन के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।