देहरादून।Dehradun जिले में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में विकासनगर परगना क्षेत्र के शीशम बाड़ा इलाके में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीन पर बनी एक अवैध मजार को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई को राज्य सरकार के अतिक्रमण हटाओ अभियान का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार शिमला बाईपास मार्ग के समीप स्थित इस संरचना को लेकर लंबे समय से स्थानीय लोगों द्वारा शिकायतें की जा रही थीं। क्षेत्रीय नागरिकों ने जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन और शिकायत पत्र सौंपकर सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की जानकारी दी थी। शिकायतों के बाद राजस्व विभाग और प्रशासन की टीम ने जांच की, जिसमें संबंधित निर्माण सरकारी भूमि पर पाया गया।
अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई से पहले नियमानुसार संबंधित स्थल पर लगभग दो सप्ताह पूर्व नोटिस चस्पा किया गया था। नोटिस के माध्यम से संबंधित पक्षों को भूमि स्वामित्व और निर्माण से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए Vikasnagar एसडीएम कार्यालय में उपस्थित होने का अवसर दिया गया था। हालांकि निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई का निर्णय लिया।
मंगलवार को प्रशासन, राजस्व विभाग और पुलिस बल की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षा व्यवस्था के बीच बुलडोजर की सहायता से अवैध संरचना को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
विकासनगर के उपजिलाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी Ashish Chauhan की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठकों में सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमणों को चिन्हित कर हटाने के निर्देश दिए गए थे। उसी क्रम में शीशम बाड़ा क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता सरकारी संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराना और भूमि अभिलेखों के अनुरूप व्यवस्था बनाए रखना है। प्रशासन भविष्य में भी ऐसे अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रखेगा।
गौरतलब है कि Pushkar Singh Dhami सरकार पिछले कुछ समय से प्रदेशभर में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों और अतिक्रमणों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक राज्य में 588 से अधिक अवैध मजारों और अन्य अवैध संरचनाओं को सरकारी भूमि से हटाया जा चुका है।
हाल ही में मुख्यमंत्री धामी ने सभी जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर अतिक्रमण विरोधी अभियान को और अधिक प्रभावी तथा तेज गति से चलाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद विभिन्न जिलों में प्रशासनिक कार्रवाई का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।