उत्तराखंड में बारिश का कहर: दून में कार बही, अल्मोड़ा में मकान ढहा; पांच लोगों की मौत

प्रेमनगर में तेज बरसाती बहाव में क्रेटा वाहन बहने से युवक-युवती की मौत, एक युवती घायल; सोमेश्वर में अतिवृष्टि से आवासीय भवन जमींदोज, मलबे में दबकर परिवार के तीन सदस्यों ने गंवाई जान

देहरादून/अल्मोड़ा: उत्तराखंड में मानसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। राजधानी देहरादून और अल्मोड़ा जिले में बारिश के कारण हुए दो अलग-अलग हादसों में पांच लोगों की मौत हो गई। देहरादून में बीती रात तेज बरसाती बहाव के दौरान एक क्रेटा कार बह गई, जिसमें सवार एक युवक और एक युवती की मौत हो गई, जबकि एक युवती घायल हुई है। वहीं अल्मोड़ा जिले में भारी बारिश और अतिवृष्टि के कारण एक आवासीय भवन पूरी तरह जमींदोज हो गया। मकान में सो रहे परिवार के तीन लोगों की मलबे में दबकर मौके पर ही मौत हो गई।

दोनों घटनाओं के बाद प्रशासन और राहत-बचाव दलों ने तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाया, लेकिन प्राकृतिक आपदा के सामने पांच लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी।

प्रेमनगर में तेज बरसाती बहाव में बही क्रेटा कार

देहरादून में यह हादसा प्रेमनगर क्षेत्र के लोअर कंडोली-पौंधा सड़क मार्ग पर कंडोली पुल के पास हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती रात तेज बारिश के बाद बरसाती बहाव अचानक बढ़ गया। इसी दौरान एक क्रेटा वाहन तेज पानी के बहाव की चपेट में आकर बह गया।

घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ टीम डाकपत्थर तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचने के बाद एसडीआरएफ टीम ने तत्काल सर्चिंग और रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

विषम परिस्थितियों के बावजूद एसडीआरएफ की टीम ने देर रात तक सर्चिंग अभियान जारी रखा। तेज बारिश और पानी के बहाव के बीच टीम ने वाहन और उसमें सवार लोगों की तलाश शुरू की।

करीब दो किलोमीटर दूर घायल युवती मिली

सर्चिंग अभियान के दौरान घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर सहज पुत्री गुलशन बवेजा को घायल अवस्था में बरामद किया गया। एसडीआरएफ टीम ने उसे सुरक्षित बाहर निकाला और आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

वहीं सर्चिंग के दौरान क्रेटा वाहन में सवार अक्षय पुत्र मुकेश, उम्र 20 वर्ष, निवासी जयपुर, राजस्थान तथा एक अन्य युवती का शव भी बरामद कर लिया गया। दोनों शवों को आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द किया गया।

इस हादसे में एक युवक और एक युवती की मौत हुई, जबकि एक युवती घायल हुई है।

अल्मोड़ा में अतिवृष्टि से मकान जमींदोज

वहीं दूसरी ओर अल्मोड़ा जिले से भी बेहद दुखद खबर सामने आई है। सोमेश्वर तहसील क्षेत्र में मंगलवार सुबह भारी बारिश और अतिवृष्टि के चलते एक आवासीय भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

हादसा इतना भीषण था कि मकान में सो रहे परिवार के तीन सदस्य मलबे में दब गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र अल्मोड़ा की ओर से जारी एक्शन टेकन रिपोर्ट के अनुसार घटना मंगलवार सुबह करीब 3:30 बजे सोमेश्वर तहसील के ग्राम सभा बड्यूडा, राजस्व उपनिरीक्षक क्षेत्र पातलीबगड़ में हुई।

अत्यधिक बारिश के कारण आवासीय भवन अचानक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। भवन के ढहने के समय परिवार के सदस्य अंदर सो रहे थे। मकान के मलबे में दबने के कारण तीन लोगों की जान चली गई।

एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत

हादसे में राजेंद्र राम के परिवार के तीन सदस्यों की मौत हुई है। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  • प्रेमा देवी, पत्नी राजेंद्र राम, उम्र 42 वर्ष

  • कल्पना आर्या, पुत्री राजेंद्र राम, उम्र 19 वर्ष

  • मनीष कुमार, पुत्र राजेंद्र राम, उम्र 18 वर्ष

भारी बारिश के बीच मकान गिरने की सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए।

एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने चलाया संयुक्त रेस्क्यू

घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, पुलिस, फायर टीम, राजस्व विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया।

रेस्क्यू टीमों ने कड़ी मशक्कत के बाद मकान के मलबे से तीनों शवों को बाहर निकाला। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार इस घटना में कोई अन्य व्यक्ति घायल नहीं हुआ है।

घटना की सूचना राजस्व उपनिरीक्षक पातलीबगड़ की ओर से जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को दी गई थी।

मानसून ने बढ़ाई पहाड़ से मैदान तक मुश्किलें

उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर पहाड़ से लेकर मैदान तक लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। देहरादून में तेज बरसाती बहाव ने वाहन को अपनी चपेट में ले लिया, जबकि अल्मोड़ा में अतिवृष्टि के कारण एक परिवार का आशियाना देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गया।

दो अलग-अलग घटनाओं में पांच लोगों की मौत ने मानसून के दौरान पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बढ़ते जोखिम को एक बार फिर सामने ला दिया है। प्रशासन और राहत-बचाव एजेंसियां लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और आपदा की स्थिति में तत्काल रेस्क्यू अभियान चलाने में जुटी हुई हैं।

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