पिथौरागढ़ जिले के देवलथल तहसील क्षेत्र के ग्राम धुरौली में बीती देर शाम एक भीषण अग्निकांड ने चार परिवारों के आशियाने उजाड़ दिए। अचानक लगी इस आग ने देखते ही देखते इतनी विकराल रूप ले लिया कि चारों मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग की लपटों ने न केवल इन परिवारों की छत छीन ली बल्कि घर में रखा जीवनभर की मेहनत का सामान भी खाक कर दिया। हादसे के बाद ठंड के मौसम में सभी परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार आग की शुरुआत गांव के निवासी ललित सिंह के मकान से हुई। लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में बगल के मकानों में भी फैल गईं और गंभीर सिंह, चंदर सिंह तथा सुरेंद्र सिंह के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने बताया कि आग पर काबू पाने की कोशिश में उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि फायर सर्विस सूचना के बाद क्षेत्र में तो पहुंची, लेकिन रास्ता दुर्गम होने के कारण वाहन घटना स्थल तक नहीं पहुंच पाया। मजबूरी में ग्रामीणों ने बाल्टियों से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, पर विशाल लपटों के आगे उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए।
आग से सबसे अधिक नुकसान ललित सिंह के परिवार को हुआ है। उनके घर में रखा पूरा राशन, नगदी, कपड़े और सोने-चांदी के आभूषण तक जलकर नष्ट हो गए। परिवारजन केवल पहने हुए कपड़ों के सहारे रह गए हैं। अन्य तीन घरों का भी भारी नुकसान बताया जा रहा है और कुल मिलाकर यह हानि लाखों रुपये में आंकी जा रही है। हादसे के बाद गांव में शोक और अफरातफरी का माहौल बना हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही राजस्व टीम को मौके पर भेजा गया। एसडीएम डीडीहाट खुशबू पांडे ने बताया कि क्षति का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद सुनिश्चित करेगा और राहत प्रदान की जाएगी। ग्रामीणों ने बताया कि आग लगने का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हुआ है, हालांकि प्रशासनिक टीमें इसकी जांच में जुटी हैं।
धुरौली गांव के इस अग्निकांड ने फिर एक बार पहाड़ी क्षेत्रों में अग्निशमन सुविधाओं की चुनौतियों को उजागर कर दिया है, जहां दुर्गम मार्गों के कारण फायर सर्विस समय पर मौके तक नहीं पहुंच पाती। फिलहाल गांव के लोग प्रभावित परिवारों की सहायता में जुटे हुए हैं और उन्हें अस्थायी रूप से ठिकाना उपलब्ध करवाया जा रहा है।