उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा 2026 से पहले एक अहम प्रशासनिक बदलाव किया गया है। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) का नया मुख्य कार्याधिकारी (CEO) उपजिलाधिकारी सोहन सिंह रांगण को नियुक्त किया गया है। यह फैसला यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत व सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चमोली के सूचना अधिकारी अनुज कुमार के अनुसार, शासन द्वारा जारी आदेश के बाद रांगण ने यह जिम्मेदारी संभाल ली है। इससे पहले यह दायित्व विशाल मिश्रा के पास था, जो रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी के रूप में भी कार्यरत हैं।
नव नियुक्त CEO सोहन सिंह रांगण वर्तमान में कर्णप्रयाग के उपजिलाधिकारी के रूप में कार्य कर रहे थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने आपदा प्रबंधन, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनकी इसी कार्यशैली को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यह नियुक्ति खास तौर पर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बदरीनाथ धाम और केदारनाथ धाम जैसे देश के प्रमुख आस्था केंद्रों की व्यवस्थाएं बीकेटीसी के अधीन आती हैं। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इन धामों के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में यात्रा प्रबंधन को सुचारू रखना एक बड़ी चुनौती होती है।
प्रशासनिक हलकों में इस निर्णय को सकारात्मक कदम माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि रांगण के अनुभव और नेतृत्व में चारधाम यात्रा व्यवस्थाएं और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और श्रद्धालु-हितैषी बनेंगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी विश्वास व्यक्त किया है कि उनके नेतृत्व में मंदिर समिति नई ऊंचाइयों को छुएगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।