उत्तराखण्ड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी शहर में दिनदहाड़े हुई खुली गुंडागर्दी ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे क्रॉसिंग पर पुरानी रंजिश के चलते कुछ असामाजिक तत्वों ने स्कूटी से जा रहे युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसे पीड़ित पक्ष ने पुलिस को सौंप दिया है।
जवाहर नगर, हल्द्वानी निवासी अली वारिस ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि उनका भाई हुसैन वारिस मंगलवार सुबह करीब 9 बजे अपनी स्कूटी से काम पर जा रहा था। इसी दौरान रेलवे क्रॉसिंग बंद हो गई। मौके पर पहले से मौजूद मुन्ना अल्वी और उसका भाई सारिक अपने आपराधिक प्रवृत्ति के साथी नदीम, मकसूद सहित 10 से 15 अन्य लोगों के साथ वहां पहुंचे। आरोप है कि सभी हमलावर लाठी-डंडों, लोहे की रॉड और अन्य घातक हथियारों से लैस थे।
पीड़ित परिवार के अनुसार, हमलावरों ने पहले स्कूटी को आगे-पीछे करने के बहाने झगड़ा शुरू किया और फिर हुसैन वारिस उर्फ ‘बन्टी’ पर हमला बोल दिया। उसे रेलवे क्रॉसिंग पर ही दौड़ा-दौड़ाकर बेरहमी से पीटा गया। इस दौरान हुसैन के साथ मौजूद उसके दोस्त दानिश और मेहरबान को भी गंदी-गंदी गालियां दी गईं और उनके साथ भी मारपीट की गई।
हमले से जान बचाने के लिए हुसैन किसी तरह मौके से भागा और अपने भाई अली को फोन कर घटना की जानकारी दी। जब परिजन घटनास्थल पर पहुंचे, तो हुसैन, दानिश और मेहरबान बेहोशी की हालत में पड़े मिले। आरोप है कि इस दौरान भी सारिक, नदीम, अनस, महमूद और अन्य साथियों ने पीड़ितों के परिजनों के साथ मारपीट की। किसी तरह जान बचाकर सभी लोग इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल पहुंचे।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उन्हें खुलेआम धमकी दी है कि वे पूरे परिवार को जान से मार देंगे। इस घटना के बाद से परिवार दहशत में है। अली वारिस ने पुलिस से हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, सुरक्षा और न्याय की मांग की है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करती है और क्या पीड़ित परिवार को समय रहते सुरक्षा मिल पाती है या नहीं।