अल्मोड़ा : कर्नाटक खोला में रामलीला महोत्सव का भव्य शुभारंभ, भक्ति और संस्कृति का संगम
अल्मोड़ा। भुवनेश्वर महादेव मंदिर एवं रामलीला समिति, कर्नाटक खोला द्वारा आयोजित रामलीला महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को बड़े ही धार्मिक उत्साह और गरिमामय वातावरण में हुआ। प्रथम दिवस का उद्घाटन वरिष्ठजनों द्वारा परंपरागत दीप प्रज्वलन से किया गया, जिसके बाद मंच पर भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला।

मुख्य अतिथि का संबोधन
इस अवसर पर मां अम्बे इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज के चेयरमैन संदीप सिंह मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने समिति के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि रामलीला जैसे आयोजन न केवल हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखते हैं, बल्कि समाज को भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामायण की शिक्षा से भी जोड़ते हैं। उन्होंने बच्चों और युवाओं से आह्वान किया कि वे श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेकर आदर्श जीवन जीने का प्रयास करें।

मंच पर जीवंत हुईं रामायण की कथाएं
पहले दिन की रामलीला में दर्शकों ने राम वंदना, रावण तप व वरदान प्राप्ति, रावण का अत्याचार, देवगण स्तुति, श्रीराम जन्म, माता सीता जन्म और बाल लीलाओं के प्रसंगों का रसास्वादन किया। मंच पर बाल कलाकारों की अदाकारी ने वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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राम की भूमिका में प्रत्यूष कांडपाल ने शानदार अभिनय कर दर्शकों का दिल जीत लिया।
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लक्ष्मण बने हर्षित असवाल दमदार अंदाज में नजर आए।
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भारत की भूमिका करन जोशी ने निभाई, जबकि शत्रुघ्न के रूप में भूमिका पाण्डेय और माता सीता के रूप में भूमि पाण्डेय ने अपनी भावपूर्ण अदाकारी से प्रभावित किया।
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नारद मुनि बने अमर बोरा ने अपने अभिनय से दर्शकों को खूब हंसाया और प्रभावित किया।
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राम वंदना की प्रस्तुतियों में निहारिका, मिष्टी, गुंजन और खुशी ने नृत्य प्रस्तुत कर मंच को भक्ति रस से सरोबार कर दिया।
खलनायक की गूंजती गर्जना
रावण की भूमिका पूर्व दर्जा मंत्री बिट्टू कर्नाटक ने निभाई। उनके दमदार अभिनय और संवाद अदायगी पर दर्शकों ने तालियों से स्वागत किया। राजा दशरथ की भूमिका चिरंजीवी लाल वर्मा, कैकई की भूमिका मेघा कांडपाल और कौशल्या बनी मीना भट्ट ने अपने अभिनय से प्रसंगों में जान डाल दी।
इसके अलावा –
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जनक बने एस.एस. कपकोटी,
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कुंभकरण बने संतोष जोशी,
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विभीषण बने अशोक बनकोटी,
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पार्वती की भूमिका नेहा जोशी ने निभाई।
देवगण की भूमिकाओं में मीनाक्षी जोशी, पायल कांडपाल, निशा कांडपाल, वैष्णवी जोशी और गीतांजलि पाण्डेय मंच पर उतरीं। ![]()
मुनि की भूमिका कमल जोशी ने और रावण दूत की भूमिकाएं अनिल जोशी, अभिषेक तिवारी, विशाल बोरा, राहुल जोशी, चांद दक्ष अधिकारी, सूरज आशीष पांडे और हेम चंद्र पांडे ने निभाई।
भक्तिमय माहौल में गूंजे जयकारे
पूरे आयोजन के दौरान भावना मल्होत्रा ने मंच संचालन किया और अपनी प्रभावशाली वाणी से दर्शकों को बांधे रखा। “जय श्रीराम” के गगनभेदी उद्घोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय बना रहा।

जनप्रतिनिधियों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी
रामलीला के प्रथम दिवस पर भूपेंद्र सिंह भोज (ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि), देवेंद्र कर्नाटक, भुवन चन्द्र पाण्डे, लीलाधर काण्डपाल, रमेश चंद्र जोशी, पूरन चन्द्र तिवारी, जगदीश चन्द्र तिवारी, भुवन चन्द्र कर्नाटक, कमलेश कर्नाटक, बद्री प्रसाद कर्नाटक, हंसा दत्त कर्नाटक, दया किशन जोशी, महेश चन्द्र कर्नाटक, दीपक कर्नाटक, कमल पालीवाल, योगेश जोशी, कपिल मल्होत्रा, देवेंद्र गोस्वामी, हेम पाण्डे, चन्द्र शेखर सती, बीडी सती, डॉ. विद्या कर्नाटक, सीमा कर्नाटक, कमला तिवारी सहित सैकड़ों श्रद्धालु और नगरवासी मौजूद रहे।


