देहरादून। Pushkar Singh Dhami ने कहा है कि राज्य सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, सुरक्षा और रोजगार तक हर स्तर पर उन्हें सशक्त बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना ही नहीं, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना भी है।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में नंदा गौरा योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश की 33,251 बालिकाओं के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से 1,45,93,00,000 रुपये (एक अरब पैंतालीस करोड़ तिरान्नबे लाख रुपये) की धनराशि हस्तांतरित की।
उन्होंने कहा कि कन्या जन्म को प्रोत्साहित करने और जन्म के समय होने वाले लिंग भेदभाव को समाप्त करने के उद्देश्य से राज्य सरकार यह योजना संचालित कर रही है। योजना के तहत बालिका के जन्म पर 11 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है, जबकि 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर उच्च शिक्षा के लिए 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक इस योजना के माध्यम से 3,77,784 बालिकाओं को कुल 11,68,49,00,000 रुपये (ग्यारह अरब अड़सठ करोड़ उनचास लाख रुपये) की धनराशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने तथा समाज में लैंगिक असमानता को दूर करने में प्रभावी सिद्ध हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के अवसरों में भी उन्हें आगे बढ़ा रही है। सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने से उत्तराखंड की महिलाओं की भागीदारी और स्थिति मजबूत हुई है। इससे सरकारी कार्यालयों की कार्य संस्कृति में भी सकारात्मक बदलाव आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार “लखपति दीदी योजना” के माध्यम से भी महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने का प्रयास कर रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और परिवार तथा समाज की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
इस अवसर पर विभागीय मंत्री Rekha Arya ने बताया कि इस वर्ष लाभान्वित 33,251 बालिकाओं में 5,913 नवजात बालिकाएं शामिल हैं, जबकि 27,338 बालिकाओं को 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के उपरांत प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। उन्होंने सभी लाभार्थी बालिकाओं और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में सचिव चंद्रेश कुमार, विभागीय निदेशक बंशीलाल राणा सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।