हरिद्वार में देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियों पर ग्रहण लगा दिया। प्रेमनगर आश्रम के पास फ्लाईओवर पर बुधवार देर रात तेज रफ्तार बलेनो कार जनरेटर से जा टकराई, जिसके कारण कार चालक और मरम्मत कार्य में लगे दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कुछ ही मिनटों में मौके पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
जानकारी के अनुसार हाईवे पर इन दिनों मरम्मत का काम जारी है। बुधवार की रात भी मजदूर फ्लाईओवर पर सड़क की मरम्मत कर रहे थे और मशीनें चलाने के लिए सड़क किनारे एक बड़ा जनरेटर रखा हुआ था। मजदूर अपने काम में व्यस्त थे कि अचानक देहरादून से हरिद्वार की ओर आ रही एक बलेनो कार तेज रफ्तार में अनियंत्रित होकर सीधे जनरेटर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और 20 वर्षीय चालक अर्पित सैनी की मौके पर ही मौत हो गई। जनरेटर के पास खड़े दो मजदूर भी कार की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी चीख पुकार के बाद आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।
कनखल थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और सभी घायलों को रात में ही अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने एक मजदूर, राजू राय को मृत घोषित कर दिया। राजू पश्चिम बंगाल का रहने वाला था और मरम्मत कार्य में तैनात था। वहीं गंभीर हालत में अजब सिंह और कार में सवार अर्पित के दोस्त रहमान को हायर सेंटर रेफर किया गया। गुरुवार दोपहर एम्स ऋषिकेश में अजब सिंह ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। अजब सिंह भी पश्चिम बंगाल का रहने वाला था। रहमान की हालत गंभीर बताई जा रही है और जौलीग्रांट अस्पताल में उसका इलाज जारी है।
अर्पित सैनी, जो पथरी थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव का निवासी था, अपने दोस्त रहमान के साथ किसी पार्टी में शामिल होने के लिए रात में घर से निकला था और लौटते वक्त यह बड़ा हादसा हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही अर्पित, राजू और अजब सिंह के परिजनों में कोहराम मच गया। परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और हरिद्वार से लेकर पश्चिम बंगाल तक मातम पसरा हुआ है।
कनखल थाना प्रभारी मनोहर रावत के अनुसार तीनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। साथ ही एनएच अधिकारियों से मजदूरों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है और हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में वाहन की तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
इस दर्दनाक दुर्घटना ने एक बार फिर रात के समय हाईवे मरम्मत कार्य में सुरक्षा इंतज़ामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरम्मत कार्य के दौरान पर्याप्त चेतावनी संकेत, बैरिकेडिंग और लाइटिंग न होने से ऐसे हादसे अक्सर घटित होते हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहनता से जांच की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त की जाएगी।