देहरादून, 16 अप्रैल 2026। उत्तराखंड में प्रशासनिक ढांचे को अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए गुरुवार को गुरमीत सिंह एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोक भवन परिसर में बहुउद्देशीय भवनों का शिलान्यास किया। इस परियोजना का उद्देश्य विभिन्न सेवाओं और विभागों को एक ही परिसर में समेकित रूप से उपलब्ध कराना है, जिससे कार्यप्रणाली अधिक सुगम और प्रभावी बन सके।
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत लोक भवन परिसर में चार प्रमुख भवनों का निर्माण किया जाएगा। पहले भवन में समेकित डिस्पेंसरी स्थापित की जाएगी, जिसमें आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और एलोपैथिक चिकित्सा सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। दूसरे भवन में सूचना परिसर और कैफेटेरिया विकसित किया जाएगा, जबकि तीसरे और चौथे भवन में क्रमशः लोक निर्माण विभाग और उद्यान विभाग के कार्यालय स्थापित किए जाएंगे।
इन भवनों की खास बात यह है कि इनका निर्माण पारंपरिक पहाड़ी वास्तुकला के अनुरूप किया जाएगा। इससे जहां एक ओर उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी, वहीं स्थानीय कारीगरों और संसाधनों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि इन भवनों के निर्माण से लोक भवन परिसर में विभिन्न सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी, जिससे न केवल कर्मचारियों को सुविधा होगी बल्कि आम नागरिकों को भी त्वरित और बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने इसे समय और संसाधनों की बचत के साथ प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने वाला कदम बताया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह बहुउद्देशीय अवसंरचना सुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम प्रयास है। एक ही परिसर में विभिन्न विभागों के होने से समन्वय बेहतर होगा और जनता को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं शीघ्र मिलेंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों में आधुनिक तकनीक के साथ-साथ स्थानीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को भी समान महत्व दे रही है। यह परियोजना उसी सोच का एक उदाहरण है, जहां विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ा जा रहा है।
इस अवसर पर राज्यपाल सचिव रविनाथ रामन, विधि परामर्शी कौशल किशोर शुक्ल, उप सचिव लक्ष्मण राम आर्य, संयुक्त निदेशक सूचना डॉ. नितिन उपाध्याय, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज त्रिपाठी सहित अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह परियोजना न केवल प्रशासनिक कार्यों को अधिक व्यवस्थित बनाएगी, बल्कि उत्तराखंड में सुशासन और जनसेवा के नए मानक भी स्थापित करेगी।