हरिद्वार। बहादराबाद–दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुरुवार सुबह हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवा डॉक्टर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद महिला डॉक्टर गहरे सदमे में हैं। इस घटना से स्वास्थ्य विभाग सहित स्थानीय क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार बिहार निवासी डॉ. ऋतुराज (25) बहादराबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इंटर्नशिप कर रहे थे। वह रोज की तरह सुबह ड्यूटी के लिए स्कूटी से सीएचसी जा रहे थे। उनके साथ महिला डॉक्टर डॉ. दिव्या भी मौजूद थीं।
इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रहे दिल्ली नंबर के एक वाहन ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि डॉ. ऋतुराज की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, डॉ. दिव्या हादसे के बाद गहरे सदमे में चली गईं, हालांकि उन्हें गंभीर शारीरिक चोट की सूचना नहीं है।
सीएचसी बहादराबाद की प्रभारी डॉ. आरती सिंह के अनुसार, डॉ. ऋतुराज मदरहुड यूनिवर्सिटी रुड़की से बीएमएएस की पढ़ाई कर रहे थे और छह माह की ट्रेनिंग के तहत उनकी तैनाती यहां की गई थी। वह अपने व्यवहार और कार्यशैली के कारण अस्पताल स्टाफ में लोकप्रिय थे।
वहीं, थाना बहादराबाद प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। घटना के बाद अस्पताल स्टाफ, साथी डॉक्टरों और स्थानीय लोगों में गहरा दुख और रोष देखने को मिल रहा है। लोग तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और सड़क सुरक्षा के सख्त इंतजाम की मांग कर रहे हैं।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, खासकर उन राष्ट्रीय राजमार्गों पर जहां तेज रफ्तार और लापरवाही अक्सर जानलेवा साबित होती है।