केदारनाथ में वीआईपी दर्शन पर बवाल, तीर्थपुरोहितों ने जताया विरोध
रुद्रप्रयाग जनपद स्थित श्री केदारनाथ धाम में वीआईपी दर्शन व्यवस्था को लेकर तीर्थपुरोहितों में भारी नाराजगी देखने को मिली। मंदिर परिसर में तीर्थपुरोहितों ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाए और वीआईपी गेट को बंद करने की मांग उठाई। विरोध प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
तीर्थपुरोहितों का कहना है कि धाम में वीआईपी संस्कृति समाप्त की जानी चाहिए। विशेष लोगों को प्राथमिकता दिए जाने से आम श्रद्धालुओं को लंबी प्रतीक्षा, अव्यवस्था और परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार सभी श्रद्धालुओं को समान बताती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर अलग व्यवस्था दिखाई दे रही है।
गौरतलब है कि प्रशासन और बीकेटीसी की ओर से दावा किया गया था कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में वीआईपी कल्चर समाप्त कर दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कहा था कि सभी श्रद्धालु समान हैं और किसी को विशेष सुविधा नहीं दी जाएगी। हालांकि, धाम में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसी बीच देश के प्रमुख उद्योगपति गौतम अडानी आज सुबह केदारनाथ धाम पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी भी मौजूद रहीं। विवाह की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर दोनों ने बाबा केदार के दर्शन कर जलाभिषेक किया और आशीर्वाद लिया। बताया जा रहा है कि वे सुबह दिल्ली से देहरादून पहुंचे और वहां से निजी हेलिकॉप्टर के माध्यम से केदारनाथ धाम पहुंचे।
अडानी के आगमन को देखते हुए धाम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी। माना जा रहा है कि उन्हें विशेष दर्शन सुविधा दी गई, जिसके बाद तीर्थपुरोहितों का आक्रोश और बढ़ गया। दर्शन के बाद गौतम अडानी ने प्रस्तावित सोनप्रयाग-केदारनाथ रोपवे परियोजना का हवाई सर्वेक्षण भी किया।