चमोली। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में ट्रक चालक की जान चली गई। हेलंग के समीप बदरीनाथ की ओर जा रहा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गया और सीधे अलकनंदा नदी में समा गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रक ऋषिकेश से बदरीनाथ की ओर जा रहा था। हेलंग के पास पहुंचते ही चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद ट्रक सड़क से नीचे सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरा और अलकनंदा नदी के तेज बहाव में समा गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक के परखच्चे उड़ गए।
मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं। नदी के तेज बहाव और दुर्गम भूभाग के बीच राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहन और चालक तक पहुंचने का प्रयास किया गया।
चालक की मौके पर ही मौत
जोशीमठ कोतवाली प्रभारी ने बताया कि ट्रक में चालक अकेला सवार था। दुर्घटना में चालक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद अग्रिम कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। चालक की पहचान और उसके परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।
चारधाम यात्रा के बीच बढ़ी सड़क हादसों की चिंता
चारधाम यात्रा सीजन के दौरान पर्वतीय मार्गों पर वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ी हुई है। ऐसे में सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं भी चिंता का विषय बनती जा रही हैं। बीते दिनों बदरीनाथ से लौट रही श्रद्धालुओं की बस के ब्रेक फेल होने की घटना सामने आई थी, जिसमें चालक की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया था। वहीं इससे पहले ऋषिकेश-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर तोताघाटी के पास चारधाम यात्रियों से भरी बस पलटने की घटना भी हुई थी।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
लगातार हो रहे हादसों के बाद स्थानीय लोगों और यात्रियों ने पर्वतीय मार्गों पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की मांग की है। विशेषज्ञों का मानना है कि बरसात के मौसम और बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए वाहन चालकों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। साथ ही प्रशासन को भी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने होंगे ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी सड़कों पर सुरक्षित ड्राइविंग और वाहन फिटनेस की आवश्यकता को रेखांकित करता है। चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों और वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।