देहरादून में दर्दनाक हादसा: 11 हजार वोल्ट लाइन की चपेट में आए 5 कर्मचारी, एक की मौत, चार जिंदगी की जंग लड़ रहे

देहरादून की पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र स्थित ओम सिटी के पास रविवार को बिजली विभाग के कार्य के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। आरडीएसएस (रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) योजना के तहत बिजली का खंभा लगाने का काम कर रहे पांच कर्मचारी अचानक 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए। हादसा इतना भीषण था कि एक कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।

खंभा हाईटेंशन लाइन से टकराया, दौड़ गया करंट

जानकारी के अनुसार एक निजी कंपनी के अधीन ठेकेदार के माध्यम से कर्मचारी ओम सिटी क्षेत्र में नया बिजली का खंभा स्थापित कर रहे थे। कार्य के दौरान खंभा पास से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन से संपर्क में आ गया। देखते ही देखते पूरे खंभे में तेज करंट फैल गया और वहां काम कर रहे कर्मचारी इसकी चपेट में आ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक अचानक हुए तेज धमाके और कर्मचारियों की चीख-पुकार से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

एक मजदूर की मौके पर मौत

इस हादसे में उत्तर प्रदेश के अमरोहा निवासी उमेश कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पप्पू, जसमान और दो अन्य कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए। सभी घायलों को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

अमरोहा के रहने वाले थे सभी कर्मचारी

बताया जा रहा है कि हादसे का शिकार हुए सभी कर्मचारी उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के निवासी हैं। वे आरडीएसएस योजना के तहत बिजली नेटवर्क से जुड़े कार्यों में लगे हुए थे और निजी कंपनी के माध्यम से सेवाएं दे रहे थे।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही पटेलनगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल किसी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं दी गई है, लेकिन हादसे के कारणों और सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

इस दुर्घटना के बाद कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईटेंशन लाइन के बेहद नजदीक काम करते समय पर्याप्त सुरक्षा उपाय और तकनीकी निगरानी होनी चाहिए थी। यदि उचित सावधानी बरती जाती तो इस दुखद हादसे को रोका जा सकता था।

परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

एक पल में हुए इस हादसे ने एक परिवार का कमाने वाला सदस्य छीन लिया, जबकि चार अन्य कर्मचारी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

देहरादून में हुआ यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि बिजली संबंधी कार्यों में छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

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