देहरादून/चमोली। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम ने सितंबर की शुरुआत में ही करवट बदल दी है। प्रसिद्ध तीर्थस्थल बद्रीनाथ धाम की ऊंची पहाड़ियों पर सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई है। बर्फ की सफेद चादर से ढके नजारों ने जहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों का मन मोह लिया, वहीं तापमान गिरने से स्थानीय लोगों की दिक्कतें भी बढ़ गई हैं।
ठंड से बढ़ी सर्द हवाओं की मार
बर्फबारी के बाद पूरे क्षेत्र का तापमान तेजी से नीचे आया है। धाम और उसके आसपास की घाटियों में ठंडी हवाओं का असर तेज हो गया है। स्थानीय लोग जहां समय से पहले सर्दियों की तैयारी में जुट गए हैं, वहीं श्रद्धालुओं को भी अब यात्रा के दौरान अतिरिक्त गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
चमोली में बारिश और बर्फबारी का दौर
चमोली जिले में बीते दो दिनों से बारिश का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही बारिश और अब बर्फबारी के चलते सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है और पहाड़ी रास्तों पर लोगों को सफर में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन ने यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मनमोहक दृश्य, लेकिन चुनौती भी
बर्फ से ढकी बद्रीनाथ की पहाड़ियों का दृश्य बेहद खूबसूरत और मनमोहक दिखाई दे रहा है। धाम पहुंचे श्रद्धालु और पर्यटक मोबाइल कैमरों में इन नजारों को कैद कर रहे हैं। हालांकि मौसम का यह अचानक बदलना स्थानीय लोगों के लिए चुनौती लेकर आया है, क्योंकि सितंबर महीने में आमतौर पर इतनी ठंड की उम्मीद नहीं रहती।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी है और कहा है कि ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा के दौरान जरूरी गर्म कपड़े और दवाइयां साथ रखें। साथ ही, बारिश और बर्फबारी के चलते सड़क मार्ग पर सफर करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की गई है।