पिता का सपना, बेटी का हौसला: उत्तराखंड की सानिया राणा बनीं पहाड़ की प्रेरणादायक महिला टैक्सी ड्राइवर
Saniya Rana ने उस सोच को बदल दिया है, जिसमें टैक्सी ड्राइविंग को सिर्फ पुरुषों का पेशा माना जाता है। उत्तराखंड के Ginwali Village की रहने वाली सानिया आज पहाड़ की सर्पिल सड़कों पर बेखौफ टैक्सी चलाकर न सिर्फ अपने परिवार का सहारा बनी हैं, बल्कि महिलाओं के लिए एक नई मिसाल भी कायम कर रही हैं।
पिता की मौत के बाद संभाली जिम्मेदारी
सानिया के पिता Kamlesh Singh Rana टैक्सी चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी इच्छा थी कि बेटों की तरह उनकी बेटी भी आत्मनिर्भर बने और कार चलाना सीखे। इसी सोच के साथ उन्होंने सानिया को खुद ड्राइविंग सिखाई।
सानिया ने 18 साल की उम्र पूरी करते ही व्यावसायिक ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लिया था। इसी बीच इस वर्ष 13 जनवरी को उनके पिता की गंभीर बीमारी का पता चला और 2 फरवरी को उनका निधन हो गया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, लेकिन सानिया ने हिम्मत नहीं हारी।
