चमोली टनल हादसा: मृतकों की संख्या 9 पहुंची, एक श्रमिक अब भी लापता; NDRF-SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी

पीपलकोटी THDC टनल हादसे में रेस्क्यू अभियान के दौरान एक और श्रमिक का शव बरामद, अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया; 22 श्रमिकों में 12 सुरक्षित निकाले गए, अब आखिरी लापता श्रमिक की तलाश तेज

चमोली: चमोली जिले के पीपलकोटी में THDC की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त को हुए दर्दनाक हादसे के बाद जारी रेस्क्यू अभियान में मंगलवार को एक और बड़ी जानकारी सामने आई। टनल के भीतर फंसे लापता श्रमिकों में से एक को रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाल लिया। उसे तत्काल जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इसके साथ ही पीपलकोटी टनल हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। अब हादसे के बाद एक श्रमिक अभी भी लापता है, जिसकी तलाश में रेस्क्यू एजेंसियां लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

हादसे के बाद से लगातार चल रहा रेस्क्यू अभियान

13 अगस्त को विष्णुगाड़-पीपलकोटी परियोजना की निर्माणाधीन टनल में काम के दौरान अचानक भारी मलबा और पानी आने से वहां काम कर रहे श्रमिकों के लिए गंभीर स्थिति पैदा हो गई थी। हादसे के समय टनल के भीतर कुल 22 श्रमिक मौजूद थे, जो मलबे और पानी की चपेट में आकर फंस गए थे।

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान शुरू किया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच बचाव दल ने लगातार अभियान चलाकर श्रमिकों को बाहर निकालने का प्रयास किया।

अब तक 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि 9 श्रमिकों की मौत हो चुकी है। एक श्रमिक की तलाश अभी भी जारी है।

एक और श्रमिक को बाहर निकाला, अस्पताल में मृत घोषित

रेस्क्यू अभियान के दौरान मंगलवार को टीम को टनल के अंदर एक और श्रमिक का पता चला। बचाव दल ने उसे बाहर निकालकर तत्काल जिला अस्पताल गोपेश्वर भेजा। अस्पताल में चिकित्सकों ने उसकी जांच की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

इस घटना के बाद हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। रेस्क्यू टीम अब टनल के भीतर बचे आखिरी लापता श्रमिक की तलाश पर पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है।

पानी, मलबा और स्लज बना चुनौती

टनल के भीतर अभी भी पानी, स्लज और मलबा रेस्क्यू अभियान में बड़ी चुनौती बना हुआ है। बचाव दल की ओर से टनल के भीतर जमा पानी को बाहर निकालने के लिए सक्शन पंप लगाए गए हैं। इसके साथ ही मलबे और स्लज को लगातार हटाया जा रहा है।

रेस्क्यू एजेंसियां टनल के उन हिस्सों में विशेष रूप से सर्च कर रही हैं, जहां लापता श्रमिक के मौजूद होने की संभावना है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद अभियान को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।

NDRF और SDRF समेत कई एजेंसियां जुटीं

लापता श्रमिक की तलाश के लिए NDRF, SDRF समेत अन्य राहत एवं बचाव एजेंसियां लगातार मौके पर काम कर रही हैं। टनल के भीतर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मलबा हटाने, पानी निकालने और संभावित स्थानों पर सघन सर्चिंग का काम किया जा रहा है।

रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती टनल के भीतर मौजूद पानी, मलबे और स्लज को हटाकर आगे बढ़ने की है। इसके बावजूद बचाव अभियान में जुटी टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।

22 में से 12 श्रमिक सुरक्षित निकले

पीपलकोटी टनल हादसे के बाद अब तक की स्थिति के अनुसार टनल में कुल 22 श्रमिक फंसे थे। इनमें से 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। हादसे में 9 श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि एक श्रमिक अब भी लापता है।

स्थिति संख्या
टनल में फंसे श्रमिक 22
सुरक्षित रेस्क्यू 12
मृतक 9
अब भी लापता 1

आखिरी लापता श्रमिक की तलाश पर पूरा जोर

रेस्क्यू अभियान अब निर्णायक चरण में पहुंच गया है। एक श्रमिक के अभी भी लापता होने के कारण बचाव दल संभावित स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चला रहा है। टनल से पानी और मलबा हटाने के साथ-साथ सर्चिंग का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

प्रशासन और राहत-बचाव एजेंसियों की प्राथमिकता अब लापता आखिरी श्रमिक का पता लगाना है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच अभियान लगातार जारी है।

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