अल्मोड़ा। अल्मोड़ा जनपद के बाड़ीछीना क्षेत्र के समीप हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पिथौरागढ़ के पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुंदन सिंह बथियाल का निधन हो गया। उनके आकस्मिक निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और उनके शुभचिंतकों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
जानकारी के अनुसार बाड़ीछीना के निकट हुए सड़क हादसे में कुंदन सिंह बथियाल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे में अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अल्मोड़ा अस्पताल पहुंचे और दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कुंदन सिंह बथियाल लंबे समय तक उनके राजनीतिक सहयोगी और साथी रहे। उन्होंने कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने के साथ-साथ क्षेत्र के विकास और जनसेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका निधन न केवल कांग्रेस परिवार बल्कि पूरे कुमाऊं क्षेत्र के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
अस्पताल में हरीश रावत ने सड़क दुर्घटना में घायल अन्य लोगों का भी हालचाल जाना। उन्होंने चिकित्सकों से घायलों के उपचार की जानकारी प्राप्त की और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
कुंदन सिंह बथियाल अपने सरल स्वभाव, जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता और संगठनात्मक क्षमता के लिए जाने जाते थे। पिथौरागढ़ क्षेत्र में उन्होंने वर्षों तक सक्रिय राजनीति के माध्यम से जनता की समस्याओं को उठाने और उनके समाधान के लिए कार्य किया। उनके निधन से क्षेत्र ने एक अनुभवी जनप्रतिनिधि और समाजसेवी को खो दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि ईश्वर उनके परिवारजनों और समर्थकों को इस असहनीय दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे। वहीं कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।
कुंदन सिंह बथियाल के निधन के बाद पिथौरागढ़ और आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल है तथा विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों द्वारा उन्हें श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।