खेत बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान, किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प
किसानों के हित में हो रहा कार्य, बढ़ रही है आय : मुख्यमंत्री
अल्मोड़ा के हवालबाग में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम, तारबाड़ के लिए 6 करोड़ रुपये की घोषणा
अल्मोड़ा, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच कृषि और किसानों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से हवालबाग में राज्य स्तरीय “खेत बचाओ अभियान” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों, महिला समूहों, जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए कृषि संरक्षण, मिट्टी संवर्धन और जलवायु अनुकूल खेती को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “खेत बचाओ अभियान” अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से जुड़ा एक जनांदोलन बन चुका है। उन्होंने किसानों से अपनी कृषि भूमि, मिट्टी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि देश की शक्ति और आत्मनिर्भरता के आधार हैं। हमारी संस्कृति में मिट्टी केवल भूमि का टुकड़ा नहीं, बल्कि मां के समान पूजनीय है। इसलिए मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखना और खेतों को रासायनिक प्रदूषण से यथासंभव मुक्त रखना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने किसानों से नियमित रूप से मिट्टी परीक्षण कराने, जल का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा वैज्ञानिक एवं जलवायु अनुकूल खेती अपनाने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप फसलों का चयन करना भविष्य की कृषि के लिए अत्यंत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस उद्देश्य से बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पॉलीहाउस, फलोत्पादन, कोल्ड स्टोरेज, मेगा फूड पार्क और सुगंधित फसलों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सुगंधित फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके साथ ही मांडुआ, झंगोरा, चौलाई जैसे मोटे अनाजों के उत्पादन और विपणन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीबीटी व्यवस्था लागू होने से किसानों को योजनाओं का लाभ सीधे उनके खातों में मिल रहा है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि के मामले में उत्तराखंड का देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होना सरकार की किसान हितैषी नीतियों का प्रमाण है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा जनपद में तारबाड़ योजना के अंतर्गत लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे खेती को जंगली जानवरों से सुरक्षा मिलेगी तथा किसानों को लाभ होगा।
कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों के हित में अनेक प्रभावी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। ड्रैगन फ्रूट, कीवी और मिलेट जैसी फसलों को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा कृषि क्षेत्र के विकास के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, विधायक मोहन सिंह मेहरा, विधायक महेश जीना, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैड़ा, दायित्वधारी गंगा बिष्ट, गोविंद पिलख्वाल, मेयर अजय वर्मा, कृषि सचिव सुरेंद्र नारायण पांडे, निदेशक कृषि, मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।