बदरीनाथ चढ़ावा हेराफेरी जांच में नया मोड़, सीसीटीवी फुटेज में कई और कर्मचारी रडार पर; गिरफ्तार प्रमोद नौटियाल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

25 जून की रिकॉर्डिंग में संदिग्ध गतिविधियां आने के बाद जांच का दायरा बढ़ा, पुलिस अब अन्य तारीखों की फुटेज भी खंगाल रही; बीकेटीसी ने कहा—जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं

चमोली। बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले की जांच लगातार गहराती जा रही है। इस मामले में गिरफ्तार बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय, गोपेश्वर में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया। वहीं, पुलिस जांच अब केवल एक आरोपी तक सीमित नहीं रह गई है। सीसीटीवी फुटेज की जांच में कुछ अन्य कर्मचारियों की गतिविधियां भी संदिग्ध दिखाई देने के बाद जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है।

25 जून की सीसीटीवी फुटेज बनी जांच का अहम आधार

पुलिस द्वारा 25 जून को चढ़ावे की गणना के दौरान की गई सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की बारीकी से जांच की गई। जांच में गिरफ्तार आरोपी प्रमोद नौटियाल के अलावा कुछ अन्य कर्मचारी भी गणना कक्ष में संदिग्ध गतिविधियां करते हुए दिखाई दिए हैं। इन्हीं फुटेज के आधार पर अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित हेराफेरी में अन्य कर्मचारियों की भी कोई भूमिका थी या नहीं।

सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में इन कर्मचारियों की संलिप्तता के साक्ष्य मिलते हैं तो उनसे भी पूछताछ की जाएगी और आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अब अन्य तारीखों की रिकॉर्डिंग भी होगी खंगाल

जांच अधिकारी अब 29 जून और अन्य दिनों की सीसीटीवी फुटेज का भी विश्लेषण कर रहे हैं, ताकि अलग-अलग दिनों की रिकॉर्डिंग का मिलान कर घटनाक्रम की पूरी कड़ी को समझा जा सके। पुलिस का मानना है कि विभिन्न तारीखों की फुटेज से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित अनियमितता किसी एक दिन की घटना थी या यह लगातार चल रही प्रक्रिया का हिस्सा थी।

पुराने कैमरों की गुणवत्ता भी जांच में चुनौती

पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि बदरीनाथ मंदिर परिसर में 27 जून से हाई-रिजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इससे पहले लगे कैमरों का रेजोल्यूशन अपेक्षाकृत कम था। ऐसे में जांच टीम पुराने फुटेज को डिजिटल तकनीक की मदद से बारीकी से खंगाल रही है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों की स्पष्ट पहचान की जा सके।

‘हर संदिग्ध तथ्य की होगी गहन जांच’

पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने कहा कि जांच के दौरान जो भी तथ्य या गतिविधियां संदिग्ध पाई जाएंगी, उनकी विस्तार से जांच की जाएगी। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के अलावा अन्य तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।

बीकेटीसी ने कहा—जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं

बदरी-केदार मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि समिति जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है। उन्होंने कहा कि समिति की ओर से सीसीटीवी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई है।

उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में एक समय में 15 से 16 सीसीटीवी कैमरे संचालित रहते हैं और यदि किसी प्रकार की शिकायत सामने आती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मामले की जांच पुलिस कर रही है और समिति पूरी पारदर्शिता के साथ जांच में सहयोग कर रही है।

जांच के विस्तार से बढ़ी हलचल

प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी के बाद अब सीसीटीवी फुटेज में सामने आई अन्य संदिग्ध गतिविधियों ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। यदि जांच में अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी सामने आती है तो बदरीनाथ धाम के इस बहुचर्चित चढ़ावा हेराफेरी मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस सभी उपलब्ध साक्ष्यों और रिकॉर्ड के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

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