देहरादून के 465 अनुसूचित जाति युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार और कौशल विकास का अवसर, 175 को दी जाएगी आर्थिक सहायता

प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत 1.24 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी, 290 युवाओं को मिलेगा रोजगारपरक प्रशिक्षण

देहरादून। अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.24 करोड़ रुपये (124.94 लाख) की जिला कार्ययोजना को जिलाधिकारी ने मंजूरी प्रदान कर दी है। अब इस योजना को अंतिम स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद जिले के 465 अनुसूचित जाति युवक-युवतियों को स्वरोजगार और कौशल विकास का लाभ मिलेगा।

175 युवाओं को मिलेगा स्वरोजगार के लिए अनुदान

योजना के ‘ग्रांट-इन-एड’ घटक के तहत जिले के 175 बेरोजगार अनुसूचित जाति युवक-युवतियों को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए 87.55 लाख रुपये की आर्थिक सहायता (सब्सिडी) प्रदान की जाएगी। इस सहायता का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के लिए दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

प्रशासन का मानना है कि इससे न केवल लाभार्थियों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनके परिवारों की आय में भी वृद्धि होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

290 युवाओं को मिलेगा कौशल विकास प्रशिक्षण

योजना के दूसरे चरण में 290 शिक्षित बेरोजगार युवाओं को वर्तमान रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप रोजगारपरक एवं कौशल विकास प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। यह प्रशिक्षण अधिकृत एवं प्रतिष्ठित स्वैच्छिक संस्थाओं के माध्यम से कराया जाएगा, ताकि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार प्राप्त करने या स्वयं का उद्यम शुरू करने में आसानी हो।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में ऐसे कौशलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिनकी वर्तमान समय में उद्योग और सेवा क्षेत्र में अधिक मांग है।

पारदर्शी तरीके से होगा लाभार्थियों का चयन

जिलाधिकारी ने कहा कि योजना का मूल उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भारत सरकार से स्वीकृति मिलते ही लाभार्थियों का चयन पूरी पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाए, ताकि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद युवाओं तक समयबद्ध तरीके से पहुंच सके।

स्वीकृति मिलते ही शुरू होगी प्रक्रिया

जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि कार्ययोजना को अंतिम स्वीकृति के लिए शासन और भारत सरकार के पास भेजा जा रहा है। जैसे ही स्वीकृति प्राप्त होगी, पात्र लाभार्थियों के चयन, कौशल प्रशिक्षण और स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता वितरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक युवाओं को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ा जाए और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने का अवसर मिले।

आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

यह योजना अनुसूचित जाति समुदाय के युवाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता और कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे जिले में समावेशी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

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