हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद पर CM धामी का पलटवार, बोले- शुद्धिकरण हुआ लेकिन जाति का नहीं

मुख्यमंत्री धामी ने कांग्रेस पर लगाया संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक लाभ के लिए तूल देने का आरोप, बोले- तथ्य और प्रमाण के आधार पर रखे अपनी बात; FIR के बाद पुलिस जांच तेज

हल्द्वानी: हल्द्वानी में सामने आए शुद्धिकरण यज्ञ के मामले को लेकर उत्तराखंड की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। मामले में FIR दर्ज होने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि शुद्धिकरण हुआ है, लेकिन यह किसी व्यक्ति या जाति का शुद्धिकरण नहीं था। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के पास ऐसा कोई तथ्य या प्रमाण नहीं है, जिससे यह साबित हो कि किसी व्यक्ति को अपमानित करने के उद्देश्य से शुद्धिकरण कराया गया।

सीएम धामी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए संवेदनशील विषय को हवा दे रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों के जरिए समाज में भ्रम और विभाजन पैदा करने के बजाय राजनीतिक दलों को तथ्यों और प्रमाणों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए।

FIR के अगले दिन CM का बयान

हल्द्वानी के शुद्धिकरण मामले में पुलिस ने एक दिन पहले ही अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री का यह बयान सामने आया है। ऐसे में मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि संवेदनशील विषयों को राजनीतिक रंग देने से सामाजिक माहौल प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कांग्रेस से आरोपों के समर्थन में ठोस तथ्य और प्रमाण सामने रखने को कहा।

शुद्धिकरण यज्ञ को लेकर क्यों छिड़ा विवाद?

हल्द्वानी में एक कार्यक्रम स्थल पर हुए शुद्धिकरण यज्ञ को लेकर विवाद तब गहराया, जब कांग्रेस की ओर से इसे कथित तौर पर अपमान और सामाजिक विभाजन से जोड़कर सवाल उठाए गए। कांग्रेस ने इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए इसे सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़ा विषय बताया।

वहीं भाजपा और मुख्यमंत्री धामी की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि बिना तथ्य और प्रमाण के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं है।

मामले में दर्ज हो चुकी है FIR

शुद्धिकरण मामले में कांग्रेस कार्यकर्ता अंजू की शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 और 299 के साथ-साथ SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(R) के तहत मामला दर्ज किया है।

नैनीताल के SSP मंजूनाथ टीसी ने मामले की जांच SP क्राइम जगदीश चंद्र को सौंप दी है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

पूरे उत्तराखंड से मिलीं 80 शिकायतें

SSP मंजूनाथ टीसी के मुताबिक पुलिस को इस मामले को लेकर पूरे उत्तराखंड से करीब 80 शिकायतें और याचिकाएं प्राप्त हुई थीं। इनमें से 19 शिकायतें नैनीताल जिले से संबंधित थीं।

पुलिस के अनुसार शिकायतों की कानूनी जांच के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता अंजू की शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने बताया कि अंजू इस मामले में शिकायत दर्ज कराने वाली पहली शिकायतकर्ता थीं।

जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक तस्वीर

FIR दर्ज होने के बाद अब पुलिस जांच इस पूरे विवाद का अहम हिस्सा बन गई है। पुलिस को शुद्धिकरण यज्ञ के आयोजन की वास्तविक वजह, इसमें शामिल लोगों की भूमिका और शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच करनी है।

वहीं राजनीतिक स्तर पर मुख्यमंत्री धामी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। कांग्रेस जहां मामले को सामाजिक सम्मान और बराबरी से जोड़कर सवाल उठा रही है, वहीं मुख्यमंत्री इसे बिना प्रमाण के राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगा रहे हैं।

ऐसे में अब पुलिस जांच के नतीजे इस विवाद की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। फिलहाल FIR, मुख्यमंत्री के ताजा बयान और कांग्रेस के आरोपों के बाद हल्द्वानी का शुद्धिकरण विवाद उत्तराखंड की राजनीति के केंद्र में बना हुआ है।

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